रामनगर (नैनीताल)। उत्तराखंड आंदोलनकारियों ने राज्य स्थापना दिवस पर धरना देकर उपवास का ऐलान किया है। इसके लिए शहीद चौक लखनपुर में जश्न नहीं प्रश्न कार्यक्रम होगा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की ओर से बृहस्पतिवार को आयोजित गोष्ठी में उत्तराखंड बनाने, उत्तराखंड बचाने का संकल्प पारित किया गया। प्रदेश की जनता से आह्वान किया गया कि नौ नवंबर को खुशी मनाने की बजाय सरकार से जनहित के सवालों का जवाब मांगें।
नगर पालिका सभागार में 17 साल बाद भी उत्तराखंड बदहाल क्यों, बदहाली के लिए जिम्मेदार कौन विषय पर चर्चा हुई। व्यापारी नेता मनमोहन अग्रवाल ने राज्य निर्माण के दौरान उपजे सवालों का जवाब न होने पर रोष जताया। इसके लिए सत्तारूढ़ कांग्रेस-भाजपा सरकारों की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया गया। कहा कि गांवों में जनसुविधाएं न बढ़ने से पलायन हो रहा है। नए जिले, ब्लॉक, राजस्व गांव बनाने, जंगली जानवरों से सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, रोजगार, कृषि, बागवानी, पलायन, विस्थापन, प्राकृतिक संसाधनों की लूट, शराब, खनन आदि विषयों पर चिंता जताई गई।
स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाने, खटीमा, मसूरी, मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को सजा, परिसंपत्तियों पर अधिकार मांगा गया। राज्य आंदोलनकारी कमला जोशी, नवीन नैथानी, सुरेंद्र सिंह निगल्टिया, पीसी जोशी की अध्यक्षता में उपपा के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने संचालन किया। गोष्ठी को देवेंद्र केंथोला, सुमित्रा बिष्ट, नवीन नैनवाल, सुरेंद्र भदोला, पंकज, प्रेम आर्य, मो. शफी, लाखन चिलवाल, महेश जोशी ने संबोधित किया। वहां कमला पांडे, प्रेम पपनै, मेघा, चंदूलाल मेंदोलिया, गोपाल दत्त रिखाड़ी, योगेश सती, डीडी सती, गोपेश पपनै, सुरेश आर्य आदि थे।