ईको सेंसिटिव जोन संघर्ष समिति के बैनर तले सांवल्दे के सात ग्रामीणों को जेल भेजने के खिलाफ ग्रामीणों ने वन चौकी में बेमियादी धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने जेल में बंद लोगों की जल्द रिहाई न होने पर आरपार की लड़ाई की धमकी दी है।
समिति संयोजक ललित उप्रेती ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि क्षेत्र की जनता कार्बेट प्रशासन के खिलाफ निर्णायक संघर्ष शुरू करे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के जंगल ग्रामीणों ने ही बचाए हैं तथा जंगलों पर ग्रामीणों के परंपरागत अधिकारों को किसी भी शर्त पर खत्म नहीं किया जा सकता। शांति देवी ने कहा कि महादेव का मंदिर हमारे पूर्वजों का मंदिर है, कार्बेट प्रशासन सात ग्रामीणों को जेल में डालकर ग्रामीणों में भय पैदा करना चाहता है। उन्होंने कहा कि भंडारे में हजारों लोग मौजूद थे, लेकिन सात ग्रामीणों को जेल डालना कहां का न्याय है।
इस दौरान तारादत्त बेलवाल, दामोदर भट्ट, दीवान सिंह, मोहन सिंह, मनमोहन सिंह बिष्ट, नरेंद्र आर्या, विनोद बेलवाल, हरीश पंत, भारत बेलवाल, तुलसी जोशी, ललिता रावत, दुर्गादेवी, बसंती देवी, मनमोहन अग्रवाल, मुनीष कुमार, केसर राणा, सुबोध चमोली, विजय सिंह बिष्ट, हरपाल सिंह खत्री, भगवती पांडे, ललित कडाकोटी, गीता, दीपा, प्रताप, वेद प्रकाश आदि थे।