एसएसपी ने 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर और चार दरोगाओं को प्रशस्तिपत्र देकर अपनी मंशा साफ कर दी। उन्होंने कई पुलिसकर्मियों को फटकार लगाते हुए सुधार के लिए 15 दिन का समय दिया। स्टेडियम सभागार में हुई बैठक में एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने नशे की तस्करी के खिलाफ कठोर कदम उठाने को कहा। बोले ड्रग–फ्री देवभूमि मिशन-2025 सरकार की प्राथमिकता है। थाना, चौकी व एसओजी इसे गंभीरता से समझ लें। नशे के तस्करों की चेन तोड़ना सबसे ज्यादा जरूरी है। इनका नेटवर्क खत्म करिए, तभी शहर के युवाओं का भविष्य बच पाएगा।
एसएसपी ने सचेत किया कि कार्रवाई केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसीलिए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। एनडीपीएस और आबकारी अधिनियम के तहत प्रभावी कार्रवाई हो। विवेचना मजबूत हो ताकि अपराधियों को सजा मिले। एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) सक्रिय होकर काम करे। नशे के कारोबार में शामिल किसी को भी न छोड़ें। एसएसपी ने कहा कि नशे की तस्करी के खिलाफ जो अच्छा करेगा, सम्मान पाएगा। वहीं जो लापरवाही बरतेगा, कार्रवाई को तैयार रहे। मासिक अपराध गोष्ठी में एसपी सिटी प्रकाश चंद, सीएफओ नरेंद्र सिंह कुंवर, आरआई भगवत सिंह राणा, एलआईयू निरीक्षक जितेंद्र कुमार उप्रेती आदि मौजूद रहे।
बेहतर काम करने वाले चार एसआई सम्मानित
एसएसपी ने नशे के खिलाफ बेहतर काम करने वाले चार दरोगाओं को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित भी किया। इनमें लालकुआं के एसएसआई दीपक बिष्ट, रामनगर कोतवाली के एसएसआई मनोज नयाल, भीमताल के एसआई गगनदीप, खेड़ा के पुलिस चौकी प्रभारी मनोज कुमार शामिल हैं।
ये निर्देश भी दिए
- नशे के खिलाफ पुलिस अधिकारी कार्रवाई के साथ ही जागरूकता अभियान चलाएं।
- साइबर फ्रॉड, गृहभेदन व वाहन चोरी पर प्रभावी काम दिखे।
- चोरियों का हर हाल में पर्दाफाश हो।
- ड्रंक एंड ड्राइव, ओवरलोडिंग एवं रैश ड्राइविंग पर तत्काल कार्रवाई करें।
- पुलिस कार्यप्रणाली सुधरे, लंबित विवेचनाओं में सुधार जरूरी।
- सर्किल ऑफिसर की तय जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। लंबित विवेचना और मामलों का शीघ्र निस्तारण कराएं।