दिल में काबा शरिफ के तवाफ की चाहत और आंखों में पैगंबर साहब के रोजे की तमन्ना लिए प्रदेश के 735 हज यात्री मदीना के लिए चले गए। विदाई के समय हज यात्रियों और उनके परिवारजनों की आंखें बार-बार छलकती रहीं।
बृहस्पतिवार की शाम नई दिल्ली स्थित हज टर्मिनल से 338, शुक्रवार की सुबह 339 और शाम 8 बजे 58 हज यात्रियों ने उड़ान भरी।
बृहस्पतिवार की सुबह 11 बजे दिल्ली हज हाउस के ग्राउंड से एयरपोर्ट के लिए भेजा गया। सुबह 10 बजे ही यहां हज यात्री और उनके परिजन जुट गए। सभी अपनों से बार-बार मिले और नम आंखों से मुबारकबाद दी।
हज यात्रियों ने भी अपने परिवार के लोगों और बच्चों को तमाम नसीहतें दी। मासूम बच्चे तो हज यात्रा पर जा रहे अपने नाना-नानी और दादा-दादी की गोद से उतर ही नहीं रहे थे।
इसी बीच 11 बजे उत्तराखंड हज कमेटी के चेयरमेन हाजी राव शेर मोहम्मद और अधिशासी अधिकारी मो. मीसम ग्राउंड में पहुंचे। उन्होंने सभी को मुबारकबाद दी और दुआओं की गुजारिश करते हुए सफर से संबंधित जरूरी हिदायतें भी दी।
चेयरमेन ने हरी झंडी दिखाकर बसों को रवाना किया और उन्हें लेकर एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने तमाम औपचारिकताएं अपने सामने पूरी कराई। उनके साथ में हज कमेटी के नैनीताल जिलाध्यक्ष जमीर अहमद, सदस्य रईस अहमद मंसूरी, मो. शाहिद, अब्दुल कादिर, मो. एहसान आदि भी जुटे रहे।
रुड़की की हज यात्री की हालत बिगड़ी
रुड़की निवासी मो. मुश्ताफ अपनी पत्नी आसमां के साथ हज पर गए हैं। बृहस्पतिवार शाम जब वे एयरपोर्ट पहुंचे तो आसमां की तबियत बिगड़ गई और उल्टियां होने लगीं। इससे उनके साथ आए लोगों में खलबली मच गई।
एयरपोर्ट पर मौजूद डॉक्टरों ने उनका उपचार किया। बताया कि डिहाइड्रेशन की वजह से दिक्कत हुई। उसके बाद उन्हें रवाना कर दिया गया।
मदीना में रहेंगे आठ दिन
हज कमेटी के जिलाध्यक्ष जमीर अहमद ने बताया कि हजयात्री आठ दिन मदीना में रहेंगे। उसके बाद मक्का जाएंगे। हज के सभी अरकान वहीं होंगे।