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Nainital News: तो लॉकडाउन के बाद से पहाड़ में बढ़ने लगे तेंदुए

Sun, 24 Dec 2023 01:53 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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भीमताल (नैनीताल)। पर्वतीय क्षेत्रों में बीते दो वर्षों से जंगल और आबादी क्षेत्र में तेंदुए के हिंसक होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इसका एक कारण वर्ष 2021 में लगे लॉकडाउन के बाद से पर्वतीय क्षेत्रों के जंगलों और आबादी क्षेत्र में तेंदुओं की संख्या बढ़ना भी है।
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लॉकडाउन के चलते मानवीय गतिविधियां कम होने से तेंदुए जंगल और आबादी क्षेत्र में भी देखे जा चुके थे। जंगलों में आसानी से शिकार नहीं मिलने के चलते भी तेंदुए आबादी की ओर रुख कर रहे हैं। शिकार नहीं मिलने के चलते भी तेंदुए पुरुष और महिलाओं पर हमले कर रहे हैं। नंवबर से फरवरी तक तेंदुओं का मैटिंग सीजन होने के चलते भी यह आक्रामक होते हैं।



इन वजहों से बन सकते हैं हिंसक

1- जंगल में शिकार न मिलने की स्थिति में आबादी क्षेत्र में शिकार के लिए मनुष्यों पर हमला

2- जगह-जगह भवन निर्माण के चलते तेंदुए पहाड़ की ओर को मूवमेंट कर रहे हैं

3- लॉकडाउन के दौरान जंगलों में आग नहीं लगने से तेंदुओं को नुकसान नहीं पहुंचा





दो साल पहले लॉकडाउन के बाद पहाड़ की ओर तेंदुओं के आने से उनकी संख्या बढ़ने की उम्मीद है। नवंबर से फरवरी तक मैटिंग सीजन के चलते भी वन्यजीव पहाड़ की ओर चले जाते हैं। शिकार सीखने के चलते शावक भी कभी-कभी मनुष्य पर हमले की कोशिश करते हैं। जंगलों में भी शिकार आसानी से नहीं मिलने से यह आबादी की ओर आ जाते हैं। इसके लिए साइंटिफिक अध्ययन की जरूरत है।
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टीआर बीजूलाल, वन संरक्षक, दक्षिण कुमाऊं



बोर्ड परीक्षार्थियों की चिंता कैसे होगी परीक्षा की तैयारी

नरभक्षी के खौफ से बंद हैं स्कूल, दो महीने बाद शुरू होनी हैं बोर्ड परीक्षाएं




भीमताल (नैनीताल)। बीते 17 दिनों से भीमताल और धारी के गांवों में नरभक्षी के खौफ के चलते सरकारी स्कूलों के बंद होने से 700 से अधिक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सबसे अधिक समस्या का सामना हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को उठाना पड़ रहा है।

नरभक्षी के खौफ के चलते भीमताल ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज जंगलियागांव और धारी ब्लॉक के बबियाड़ इंटर कॉलेज के बंद होने से छात्र-छात्राओंकी ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। पर पर्वतीय क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या के चलते पढ़ाई सुचारु रूप से नहीं चल पा रही है। मलुवाताल, पिनरों, अलचौना, ओखलढूंगा, बिरसिंगिया, दुदुली, अम्दौ, खपाल के दस से अधिक प्राथमिक विद्यालय और पांच जूनियर हाईस्कूल भी बंद हैं।



करिश्मा बिरौडिया ने बताया स्कूल बंद होने से बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन को लेकर चिंता हो रही है। स्कूल में पढ़ाई बेहतर होने के साथ शंकाओं का समाधान आसानी से होता है। नरभक्षी की दहशत के बीच ऑनलाइन पढ़ाई भी सही से नहीं हो पा रही है।


जंगलियागांव इंटर कॉलेज की छात्रा किरन भट्ट ने बताया विद्यालय बंद होने से परेशान होना पड़ रहा है। घर में ऑनलाइन पढ़ाई भी नेटवर्क के चलते प्रभावित हो रही है। नरभक्षी ने भय का माहौल बना दिया है।






ग्राम प्रधान, राधा कुल्याल ने बताया कि वन विभाग से नरभक्षी को पकड़ने की मांग कर रहे हैं। स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। साथ ही महिलाएं चारा नहीं ला पा रही है और ग्रामीण भी अकेले घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं।
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