हल्द्वानी। तराई पूर्वी वन प्रभाग के रनसाली रेंज में शीशम के दस और खैर के छह पेड़ काट दिए गए। एक व्यक्ति ने कटे हुए पेड़ों की जीपीएस लोकेशन फोटो के साथ डीएफओ तराई पूर्वी को भेजी। इस पर डीएफओ तराई पूर्वी ने जांच बैठा दी है।
हाल में तस्करों ने चिड़ियाघर की जमीन से 10 से ज्यादा पेड़ों को ठिकाने लगाया था। इस बार तस्करों ने कैलाश और रनसाली बीट से शीशम के 10 और खैर समेत अन्य प्रजातियों के छह पेड़ ठिकाने लगा दिए हैं। हैरानी की बात है कि इन पेड़ों की जड़ों को जेसीबी से निकाला गया, ताकि सबूत न बचे। तस्कर जिन पेड़ों की ठूंठ नहीं निकाल पाए, वहां मिट्टी से दबाने की कोशिश की गई। मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आने पर वन कर्मचारी मामले की लीपापोती में लगे हैं।
जेसीबी से खनन का वीडियो वायरल
रनसाली रेंज में जेसीबी से खनन का वीडियो भी वायरल हो गया है। इसमें रात के समय जीसीबी से रेता-बजरी एक डंपर में डाला जा रहा है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कैलाश नदी से अवैध तरीके से रेता-बजरी निकालकर वनकर्मियों की मिलीभगत से यह किया गया। बताया जा रहा है कि एक खनन कारोबारी का वनकर्मियों से विवाद होने पर उसने ही वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।
रनसाली रेंज में अवैध लकड़ी काटने, रेता-बजरी की तस्करी समेत कई अवैध धंधे चल रहे हैं। इस मामले में साक्ष्य वन अधिकारियों को दिए गए हैं। मामले को हम कोर्ट में लेकर भी जाएंगे।
अर्जुन कसाना गुर्जर, सामाजिक कार्यकर्ता
किसी व्यक्ति की ओर से खनन का एक वीडियो भेजा गया था। वीडियो की जांच की जा रही है। साथ ही गश्त बढ़ा दी गई है। पेड़ काटने का मामला भी प्रकाश में आया है। इस मामले में जांच बैठा दी गई है। फोटो भेजने वाले व्यक्ति ने पूरी डिटेल दी है। जानकारी लेकर जीपीएस मैपिंग से कटे पेड़ों को ढूंढा जा रहा है।
- संदीप कुमार, डीएफओ, तराई पूर्वी वन प्रभाग