गिरीश रंजन तिवारी
नैनीताल। आज शाम आसमान में प्रकृति एक अनोखी खगोलीय कला रचने जा रही है। सूर्यास्त के कुछ देर बाद दक्षिण-पश्चिमी आकाश में चंद्रमा, शनि और नेपच्यून की खास स्थिति एक स्माइली जैसी बनेगी, मानो आसमान खुद मुस्कुरा रहा हो। इस दुर्लभ दृश्य में पतला बढ़ता हुआ चंद्रमा एक कोमल मुस्कान की तरह दिखाई देगा जबकि उसके ऊपर शनि और नेपच्यून दो चमकती आंखों का आभास देंगे। यह मनोहारी संयोग मीन नक्षत्र में नजर आएगा। इसमें चंद्रमा की वक्र आकृति मुस्कान की जैसी और स्थिर सुनहरी चमक वाला शनि और हल्की नीली झलक वाला नेपच्यून चांद के ऊपर दो चमकती आंखों जैसे नजर आएंगे।
यह मनोहारी दृश्य सूर्यास्त के लगभग 60 से 90 मिनट बाद दक्षिण-पश्चिमी आकाश में नजर आएगा। इसमें चंद्रमा और शनि तो नंगी आंखों से ही साफ दिखाई देंगे लेकिन नेपच्यून को देखने के लिए सामान्य दूरबीन या छोटा टेलीस्कोप आवश्यक होगा। ग्रहों और चंद्रमा की यह ज्यामितीय संगति अंतरिक्ष की सटीकता और सौंदर्य की अद्भुत मिसाल है।
खगोल फोटोग्राफर प्रमोद सिंह खाती के अनुसार यह दृश्य कुछ अवधि तक ही रहेगा लेकिन अत्यंत आकर्षक नजर आएगा। आकाश प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए यह शाम किसी उत्सव जैसी होगी। मोबाइल से रील बनाने का भी यह एक सुनहरा अवसर होगा। संवाद