पांच हजार उपभोक्ताओं ने इंडेन की बेचैनी बढ़ा दी है। छह माह यानि 180 दिन से इन उपभोक्ताओं ने गैस रीफिलिंग नहीं कराई है। इन उपभोक्ताओं की जांच करने के बाद ही केवाईसी फार्म जमा करने के बाद कनेक्शन शुरू हो पाएगा।
डायरेक्टर बेनिफिट ट्रांसफर एलपीजी (डीबीटीएल) योजना शुरू होने के बाद उपभोक्ताओं ने योजना से जुड़ने के लिए आवेदन किया। योजना का मकसद यह भी पता करना था कि एक नाम पर दो कनेक्शन या फर्जी नाम से कितने कनेक्शन चल रहे हैं। 31 मार्च के बाद तीन माह का ग्रेस पीरियड उपभोक्ताओं को दिया गया।
उपभोक्ता 30 जून तक डीबीटीएल करा सकते हैं। इसके बाद डीबीटीएल नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को बिना सब्सिडी का सिलेंडर लेना पड़ेगा। हल्द्वानी गैस एजेंसी के प्रबंधक गोपाल बिष्ट ने बताया कि लगभग पांच हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने अब तक डीबीटीएल के लिए आवेदन नहीं किया है।
इन उपभोक्ताओं ने 180 दिनों से गैस रीफिलिंग भी नहीं कराई है। उन्होंने बताया कि इन उपभोक्ताओं के कनेक्शन को डेड कर दिया गया है। उपभोक्ताओं को कनेक्शन शुरू कराने के लिए नए सिरे से केवाईसी फार्म देना होगा। उन्होंने कहा कि अगर उपभोक्ता आवेदन नहीं करते हैं तो कनेक्शन कैंसल कर दिए जाएंगे।