नैनीताल। सरोवर नगरी में बृहस्पतिवार को राज्य की पहली महिला लोक अदालत लगी। जिसमें छह मामले पंजीकृत हुए। लोक अदालत की अध्यक्षता करते हुए आयोग की उपाध्यक्षा अमिता लोहनी ने कहा कि लोक अदालतों में मिलने वाली शिकायतों में अधूरी जानकारी के कारण वादों का निपटारा समय पर नहीं हो पाता है। उन्होंने शिकायतों का पूरा ब्योरा आयोग को उपलब्ध कराने को कहा।
नैनीताल क्लब में आयोजित महिला लोक अदालत में आयोग उपाध्यक्ष लोहनी कहा कि आयोग महिलाओं से संबंधित मामलों के निस्तारण को बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस तरह की अदालतों में महिलाओं को कानूनी जानकारियां भी दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता आवेदन पत्र के साथ अपने साथ हुई घटना का पूरा ब्योरा दें ताकि मामले को आसानी से समझा जा सके।
उन्होंने कहा कि ज्यादातर मामले घरेलू हिंसा के होते हैं। दुष्कर्म वाले मामले भी अब अधिक आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं खुलकर अपनी समस्या को नहीं कह पाती हैं लिहाजा एजेंसी को ही उन्हें अपनी बात खुलकर बताने के लिए प्रेरित करना होगा।
उन्होने बताया कि जिले में अभी तक महिलाओं से संबंधित 430 मामले ही दर्ज हुए हैं। जिसमें से 100 का निस्तारण हो चुका है। उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन व गौरा देवी कन्याधन योजना की जानकारी लेते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि वह समय से लाभार्थियों के खातों में पेंशन की राशि जमा कराएं।
महिला लोक अदालत में सीएमओ डा. एलएम उप्रेती, सीओ सिटी विजय थापा, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुलेखा बिष्ट, महिला सेल की प्रभारी सुमन पंत, अधिवक्ता संगीता टाकुली, जिला प्रोवेशन अधिकारी अंजना गुप्ता, विमर्श संस्था की कंचन भंडारी, महिला समाख्या की कंचना बिष्ट, लकी रैक्वाल, जल संस्थान के ईई जगदीप चौधरी, लोनिवि के डीएस कुटियाल, असलम अली, मुख्य कृषि अधिकारी डी कुमार, डीईओ गोपाल स्वरूप, सृष्टि संस्था की खष्टी बिष्ट, प्रयास संस्था की किरन रौतेला, हेमा कबड़वाल आदि थे।