किच्छा। श्री गुरुनानक देव जी महाराज और माता सुलखणी के विवाह पर्व की याद में भाई कन्हैया जी सेवा सोसायटी और सरबत दा भला टीम की ओर से नगर की आवास विकास कॉलोनी में आत्मरस कीर्तन समागम आयोजित किया गया। इस सत्संग में सैकड़ों श्रद्धालु उमड़े। अरदास, लंगर के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया।
नानक दरबार गुरुद्वारे में मंगलवार सुबह से ही श्रद्धालु उमड़ने लगे। सत्संग कार्यक्रम में सितारगंज, बरेली, रुद्रपुर, बाजपुर, काशीपुर आदि स्थानों से संगत पहुंची। दिल्ली के गुरुद्वारा शीशगंज साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी हरनाम सिंह ने गुरु की महिमा का बखान किया। उन्होंने गुरु के बताए रास्ते पर चलने के लिए कहा।
दरबार साहिब के हजूरी रागी अरविंदर सिंह नूर, रुद्रपुर के भाई गुरविंदर सिंह, जालंधर के भाई संतोख सिंह, अमृतसर के भाई मंगत सिंह, भाई भूपिंदर सिंह फिरोजपुरी ने अपनी वाणी से संगत को निहाल किया।
इससे पूर्व गुरुद्वारे के हेड ग्रंथी अंग्रेज सिंह ने कीर्तन की शुरुआत की। दिनभर लंगर चलता रहा। गुरुद्वारा साहिब को आकर्षक ढंग से सजाया गया। वहां विधायक प्रतिनिधि गौरव बेहड़, सतपाल गाबा, तृप्तपाल सिंह, जगरूप सिंह, सतनाम सिंह, श्रवण सिंह, अवतार सिंह, निर्मल सिंह हंसपाल, निशान सिंह आदि थे।