सेंट्रल जू अथारिटी (सीजेड) की टीम ने गौलापार में प्रस्तावित चिड़ियाघर के लिए तय स्थल का निरीक्षण किया। विशेषज्ञों ने जगह को उपर्युक्त बताने के साथ ही निर्माण कार्य में जल्दबाजी नहीं करने की सलाह भी दी।
गौलापार में 398 हेक्टेयर में चिड़ियाघर बनाने की योजना है, इसमें बाघ, हाथी आदि सफारी के साथ ही एक्वेरियम की भी योजना जंगलात ने बनाई है। चिड़ियाघर निर्माण से पहले सीजेड से अनुमति लेने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसी के तहत सीजेड के विशेषज्ञ एससी शर्मा, एसके पटनायक और एनटीसीए के सदस्य सचिव डीएस बोनाल गौलापार जगह के निरीक्षण को पहुंचे। उनका कहना था कि प्रथमदृष्ट्या जगह पर कोई आपत्ति नहीं है।
फिलहाल जो भी प्रस्तावित योजना से जुड़ी रिपोर्ट हैं, उनका अध्ययन किया जाएगा। ऐसा स्थल जगह की आवश्यकता है, इसलिए बेहतर प्लानिंग कर निर्माण किया जाना चाहिए। इसमें जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। इसके पूरा होने में तीन से चार साल का वक्त लग सकता है। बाद में टीम ने वनाधिकारियों के साथ मीटिंग कर सभी पहलुओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते, एसडीओ एनसी पंत, आरओ चंद्रशेखर पांडे आदि मौजूद थे। वहीं, निर्माण के संबंध में विभाग ने राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निविदा आमंत्रित की है।