ऊधमसिंह नगर के सितारगंज सिडकुल और खुरपिया फार्म में सोलर पावर प्लांट बनेगा। 50 मेगावाट के पावर प्लांट पर लगभग तीन सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। पावर प्लांट लगाने के लिए छोटे डेवलपर को 25 वर्ष के लिए जमीन लीज पर दी जाएगी।
केंद्र सरकार पावर उपकेंद्र के लिए 10 करोड़ रुपये का अनुदान देगी। सोलर पावर प्लांट के लिए डीपीआर बनकर तैयार हो गई है। खुरपिया फार्म में 20 मेगावाट में पांच-पांच मेगावाट के चार सोलर पावर प्लांट बनने हैं। सिडकुल सितारगंज में 30 मेगावाट में 10-10 मेगावाट के तीन सोलर पावर प्लांट बनेंगे।
30 और 20 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट बनाने पर लगभग तीन सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। एक मेगावाट पर लगभग छह करोड़ का खर्च आएगा। पावर प्लांट बनाने के लिए छोटे डेवलपर को निविदा निकालकर आमंत्रित किया जाएगा। जो सबसे सस्ती दर पर बिजली देगा उसे ही पावर प्लांट लगाने का मौका मिलेगा। छोटे डेवलपर को 25 वर्षों के लिए जमीन लीज पर दी जाएगी।
जमीन समतलीकरण और मूलभूत सुविधाएं सिडकुल मुहैया कराएगा। इसके एवज में सिडकुल डेवलपर से शुल्क वसूल करेगा। डेवलपर से लीज रेंट और विकास शुल्क समेत अन्य शुल्क लिए जाएंगे। पावर प्लांट में बनने वाली बिजली उत्तराखंड पावर कारपोरेशन 25 वर्षों तक खरीदेगा। बिजली खरीद की दर विद्युत नियामक आयोग तय करेगा। डेवलपमेंट में लगभग 57 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। जिसमें 10 लाख रुपये भारत सरकार ने दिए हैं।
उरेडा के मुख्य परियोजना अधिकारी एके त्यागी के अनुसार जमीन लीज पर देने के साथ मूलभूत सुविधाएं सिडकुल मुहैया कराएगा। सोलर पावर प्लांट की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बन गई है और केंद्र सरकार से काम शुरू करने के लिए दस करोड़ रुपये मांगे हैं।
सिडकुल महाप्रबंधक एसएल सेमवाल ने कहा सोलर पावर प्लांट के लिए सिडकुल को नोडल एजेंसी नामित किया गया है। सिडकुल जमीन मुहैया कराएगा। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।