हल्द्वानी। काठगोदाम के जंगल में सल्फास खाकर जान देने वाले शिवेश का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया। कहा जा रहा है कि दोनों भाई बुआ और दादी की प्रताड़ना से तंग होकर यहां आए थे। माता-पिता की मौत के बाद अनाथ हुए भाइयों को परेशान किया गया।
मध्यप्रदेश के रीवा जिले के मनिकवार गांव (मऊगंज) निवासी शिवेश मिश्रा और उसके भाई बृजेश ने 29 अक्तूबर को काठगोदाम क्षेत्र में सल्फास खाकर जान देने का प्रयास किया था। शिवेश की उपचार के दौरान मौत हो गई जबकि बृजेश का एसटीएच में इलाज चल रहा है।
शनिवार सुबह शिवेश के बड़ौदरा गुजरात में नौकरी करने वाले मामा अंबिका पांडे यहां पहुंचे। इसके बाद उसके शव का पोस्टमार्टम हुआ। अंबिका और उनके भाई सुरेंद्र पांडे ने बताया कि शिवेश ने पुणे जाने की बात कही थी लेकिन वे जबलपुर में ही किसी दोस्त के पास चले गए। अनुमान लगाया कि उसी दोस्त ने उन्हें उत्तराखंड जाने की सलाह दी। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण सुरेंद्र व अंबिका के आग्रह पर समाजसेवी हेमंत गोनिया ने राजपुरा मुक्तिधाम में शिवेश की अंत्येष्टि कराई।