ट्यूलिप कॉलोनी में सिंचाई नहर से लाइन डालकर पानी घरों में पहुंचाया जा रहा है। सिंचाई विभाग एक साल पहले नोटिस देकर चुप हो गया तो पानी चोरी का सिलसिला जारी है। हालांकि कॉलोनी के संचालक का दावा है कि उनके पास लिखित अनुमति है।
तीन पानी बाईपास पर उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के पास ट्यूलिप कॉलोनी बनाई जा रही है। यहां कई घर बन गए हैं जबकि कई अभी निर्माणाधीन हैं। कॉलोनी के बाहर से ही गुजर रही सिंचाई विभाग की नहर से मोटर लगाकर पानी खींचा जा रहा है। बाद में इस पानी को आवासीय कालोनी में इस्तेमाल किया जा रहा है।
यह नहर सिंचाई विभाग के हल्द्वानी डिवीजन के अंतर्गत आती है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो नहर के पानी का सिर्फ खेती बाड़ी और बागवानी में इस्तेमाल किया जाता है। सिर्फ हल्के व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए अनुमति दी जा सकती है लेकिन आवासीय कालोनी के लिए पानी आपूर्ति करने का नियम ही नहीं है।
इधर क्षेत्रीय ग्रामीणों का आरोप है कि कॉलोनी में घरों के निर्माण के लिए भी नहर का पानी ही इस्तेमाल किया गया। अभी भी नहर के पानी से घरों को बनाने का काम किया जाता है। उधर, कॉलोनी प्रबंधन से जुड़े संजीव शर्मा ने कहा कि उनके पास इसकी अनुमति है। हालांकि उन्होंने पूरी जानकारी से इन्कार भी किया।
नहर के पानी से खेती और बागवानी की अनुमति दी जाती है। एक साल पहले भी ट्यूलिप कॉलोनी को नोटिस दिया था लेकिन फिर भी नहीं हटाया। अब एई को मौके पर भेज कर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। -तारादत्त कांडपाल, ईई, सिंचाई विभाग