किच्छा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत क्षेत्र के आठ अल्ट्रासाउंड केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सात केंद्रों पर रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई लिंगानुपात संरक्षण और अवैध लिंग चयन पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है।
निरीक्षण दल ने बुधवार को छत्रपति साहू जी महाराज हॉस्पिटल में रेडियोलॉजिस्ट के अनुपस्थित पाए जाने पर अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी। मशीन को दोबारा तभी संचालित करने की अनुमति मिलेगी जब रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती सुनिश्चित होगी। इसके अतिरिक्त, गुप्ता अल्ट्रासाउंड केंद्र, सीएचसी किच्छा, बठला हॉस्पिटल, ओम इमेजिंग अल्ट्रासाउंड सेंटर, किशोर हॉस्पिटल और सूरजमल हॉस्पिटल में भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं मिले। इन सभी छह केंद्रों की अल्ट्रासाउंड मशीनें भी सील कर दी गईं।
टीम में एसीएमओ डॉ. एसपी सिंह, प्रदीप मेहर, तहसीलदार गिरीश त्रिपाठी आदि शामिल रहे।
सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि अवैध लिंग परीक्षण और भ्रूण हत्या आदि के खिलाफ सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
सीएचसी गदरपुर में उपलब्ध हुए रेबीज वैक्सीन, मरीजों को राहत
गदरपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गदरपुर में लंबे समय से चल रही रेबीज वैक्सीन की किल्लत अब खत्म हो गई है। इंजेक्शन उपलब्ध होने से मरीजों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारी हेमचंद पंत ने बताया कि काफी समय से अस्पताल में रेबीज वैक्सीन नहीं मिलने से मरीज परेशान थे। उन्हें बाजार से महंगे दामों पर इंजेक्शन खरीदने पड़ रहे थे। बताया कि पर्याप्त मात्रा में रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध करा दिए हैं और मरीजों को अस्पताल में ही सुविधा मिल रही है।