हल्द्वानी। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अर्चना सागर की अदालत ने छह साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म मामले में 29 साल के युवक को दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 20 साल की कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्त को एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी के अनुसार, बनभूलपुरा क्षेत्र की छह साल की बच्ची ने स्कूल जाने से मना कर दिया था। मां ने कारण पूछा तो उसने बताया कि सात फरवरी 2019 को उसके साथ लाइन नंबर पांच निवासी वसीम ने निर्माणाधीन मकान में गलत काम किया है। शिकायत करने पर वसीम के घर वालों ने पीड़िता के परिवार को धमकाया। मासूम के पिता ने 12 फरवरी 2019 को बनभूलपुरा थाने में लिखित शिकायत दी। इसी आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आठ गवाह पेश किए। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद वसीम को मासूम के साथ दुष्कर्म का दोषी करार दिया। अदालत ने धारा 376 (3) के तहत 20 वर्ष की सजा, दस हजार रुपये अर्थदंड, धारा 354 (क) के तहत तीन वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 506 के तहत दो वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 9 एलएम/10 लैंगिक अपराधों से बालकों को संरक्षण अधिनियम के तहत पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
मां नाम लेने से बची, पिता ने विवेचना का किया समर्थन
हल्द्वानी। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी के अनुसार मुकदमे की विवेचना के दौरान पीड़िता की मां और पीड़िता वसीम का नाम नहीं लेने से बचने लगीं, लेकिन मेडिकल परीक्षण करने वाली डॉक्टर ने पूरी बात बताई। पिता ने भी पुलिस की विवेचना का समर्थन किया।
एक लाख की सहायता राशि मिलेगी
हल्द्वानी। अदालत ने फैसले की एक प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को भेजने का आदेश दिया ताकि पीड़िता को एक लाख रुपये की सहायता राशि राज्य सरकार की प्रस्तावित योजना से दिलाई जा सके।