रामनगर। गर्जिया देवी मंदिर के मुख्य टीले का सुरक्षात्मक कार्य दो चरणों में होगा। पहले चरण के कार्य में 579.11 लाख रुपये की लागत आएगी। सिंचाई विभाग के मुख्य अंभियंता ने कार्य की स्वीकृति के लिए प्रमुख अभियंता (नियोजन अनुभाग) सिंचाई विभाग देहरादून को पत्र भेजा है।
सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता संजय शुक्ल ने कहा कि गर्जिया देवी मंदिर के मुख्य टीले को बाढ़ से बचाव के लिए आईआईटी रुड़की के अफसरों के साथ 15 जनवरी को वार्ता हुई थी। सुरक्षा कार्य के लिए डीपीआर को दो चरणों में विभाजित करने का निर्णय लिया है। डीपीआर के प्रथम चरण में मुख्य टीले की सुरक्षा के लिए आरसीसी क्लेडिंग, राफ्ट एवं टीले के शेष भाग पर शॉटक्रीट तैयार किया जाए। फेज-1 के कार्यों की लागत 579.11 लाख रुपये होगी। योजना की स्वीकृति के बाद कार्य शुरू होने की संभावना है।
सीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल
रामनगर (नैनीताल)। गर्जिया माता मंदिर के टीले में आईं दरारें को ठीक करने की मांग को लेकर मंदिर के पुजारी और समिति का प्रतिनिधिमंडल देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला। मुख्यमंत्री को बताया कि बारिश के समय मंदिर को बचाने के लिए तिरपाल से ढका जा रहा है। मुख्यमंत्री से सुरक्षा कार्य के लिए वित्तीय स्वीकृति देने की मांग की। सीएम से मिलने वालों में मंदिर के पुजारी मनोज पांडेय, ब्लॉक प्रमुख इंदर रावत, अशोक खुल्बे, मंदिर समिति के महासचिव डॉ. देवीदत्त दानी, कोषाध्यक्ष डॉ. निशांत पपनै आदि रहे।