ढेला झिरना मार्ग पर जाम लगाने के दौरान आक्रोशित दिखी महिलाएं
रामनगर (नैनीताल)। बाघ के हमले में महिला की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने सांवल्दे में ढेला-झिरना पयर्टन मार्ग दो घंटे तक जाम कर दिया। इस दौरान वीवीआईपी की फ्लीट को ग्रामीणों ने रोक दिया। पुलिस ने दूसरे रास्ते से फ्लीट को रवाना किया। रेंजर के समझाने पर ग्रामीणों ने धरना खत्म कर दिया।
वन्यजीवों के बढ़ते आतंक को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार दोपहर एक बजे से तीन बजे तक ढेला-झिरना पयर्टन मार्ग पर धरना दिया। हालांकि इस दौरान वन विभाग ने पर्यटकों को दूसरे रास्ते से भिजवाया। धरनास्थल पर संयुक्त संघर्ष समिति के नेता महेश जोशी ने कहा कि 14 दिसंबर को कॉर्बेट प्रशासन ने धरने पर आकर घोषणा की थी कि आदमखोर बाघ को पकड़े जाने की अनुमति ले ली गई है लेकिन मामले में कार्रवाई शून्य है। यदि बाघ को समय रहते पकड़ लिया होता तो दुर्गा देवी की जान बच जाती। ललित उप्रेती ने कहा कि इंसानों को मारकर जंगली जानवरों को संरक्षित करने की नीति को बदला जाना चाहिए। धरने में जेड श्रेणी सुरक्षा प्राप्त पंजाब के पूर्व विधायक विक्रम सिंह मजीठिया की गाड़ी भी फंस गई। इसके बाद पुलिस ने उनकी गाड़ी को दूसरे रास्ते से भिजवाया। ढेला रेंजर अजय ध्यानी ने ग्रामीणों को समझाकर धरना खत्म कराया। इस दौरान श्यामा देवी, गंगा सुप्याल, रेनू, बसंती मंजू मेहरा, राशिद, सोवन तड़ियाल, ललित पांडे, तुलसी, ललिता रावत आदि रहीं।
बाघ नहीं पकड़ा तो 4 फरवरी को करूंगा आत्मदाह
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व व उसके पास के क्षेत्रों में बाघों के हमलों में तीन माह में छह लोग जान गंवा चुके हैं। रामनगर के ज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी ने फेसबुक एकांउट पर चेतावनी दी है कि 3 फरवरी तक बाघ नहीं पकड़ा गया तो वह 4 फरवरी को आत्मदाह करेंगे। घटना की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ढेला रेंजर अजय ध्यानी ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया है।