हल्द्वानी। मूसलाधार बारिश के दौरान बुधवार दोपहर काठगोदाम क्षेत्र के बदरीपुरा मोहल्ले में एक मकान के ऊपर सुरक्षा दीवार गिर गई। घर के भीतर मौजूद तीन महिलाओं समेत पांच वर्षीय बच्ची मलबे में दब गई। स्थानीय लोगों, पुलिस और राजस्व कर्मियों ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर बेस अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने एक महिला को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों की हालत स्थिर बनी हुई है।
बुधवार की दोपहर तीन बजे के करीब बदरीपुरा निवासी शकीला बेग (45) स्व. पत्नी एजाज बेग, उनकी बेटी रीना (30) पत्नी मोहम्मद अली, देवरानी शबीना (32) पत्नी तहजीब मियां घर के भीतर थे। रीना की पांच वर्षीय बेटी अनाया सोई थी। तभी घर के पीछे की ओर मकान से सटी सुरक्षा दीवार भरभराकर मकान के ऊपर गिर गई। दीवार का मलबा मकान के पीछे की दीवार और छत को तोड़ता हुआ घर में जा घुसा। चारों लोग मलबे में दब गए। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकले। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हादसे की जानकारी दी और खुद ही मौके पर राहत और बचाव में जुट गए।
मेयर डा. जोगेंद्र सिंह रौतेला, एसडीएम विवेक राय, तहसीलदार पीआर आर्या, पटवारी दीपक कुमार टम्टा, सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल, काठगोदाम के एसओ कमल हसन भी मौके पर पहुंचे। पुलिस, राजस्व कर्मियों व स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से मलबे में दबी अनाया, शबीना, शकीला और रीना को निकालकर बेस अस्पताल भेजा। रीना की मौत सिर में चोट से हुई। बेस अस्पताल के डॉ. डीएस पंचपाल ने बताया कि घायलों की हालत स्थिर है और उन्हें चौबीस घंटे की निगरानी में रखा गया है।
कई दिन पहले आई दरारों का जिक्र किया था
हल्द्वानी। जानलेवा साबित हुई दीवार में कई दिन पहले ही दरारें पड़ गई थी जो दूर से ही साफ नजर आ रही थी। इस दीवार के ऊपरी हिस्से में गोपाल दत्त पांडे का घर है। उन्हीं ने अपने घर की सुरक्षा के लिए इस दीवार को बनवाया था। चूंकि शकीला का घर इस दीवार से लगा हुआ था लिहाजा इन दरारों को देखने के बाद शकीला को भय सताता रहता था।
पड़ोस की एक महिला ने बताया कि शकीला इस बात का जिक्र अक्सर करती थी कि दीवार में दरारें आ गई हैं। कभी कहीं कोई हादसा न हो जाए। बुधवार को जो दीवार गिरी वह लगभग तीस फुट से अधिक ऊंची और पचास फुट से अधिक चौड़ी थी। दीवार बनाते वक्त सुरक्षा के लिहाज से उसमें रद्दे तो बनाए गए थे लेकिन लंबी-चौड़ी दीवार में भीतर से पानी और गैस की निकासी के लिए दर्रे (होल) नहीं बनाए गए थे। लोगों का मानना है कि यदि दीवार में दर्रे बनाए गए होते तो बरसात का पानी और गैस इनसे आसानी से बाहर निकल जाता और यह हादसा नहीं होता।
बेटे की दूसरी बरसी की तैयारी में लगे थे परिजन
हल्द्वानी। बदरीपुरा निवासी शकीला के पति एजाज बेग की मौत कुछ साल पहले हार्ट अटैक के चलते हुई थी। दो साल पहले उसके बेटे बंटी का भी निधन हो गया था। दूसरा बेटा विक्की ड्राइवरी करता है जो हादसे के वक्त घर पर नहीं था। पड़ोसियों के मुताबिक बुधवार को बंटी की दूसरी बरसी थी। शकीला भोजन आदि बनाने की तैयारी में लगी थी तभी यह हादसा हो गया।