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आखिर खुल गए ऑरम स्कूल के सील ताले

Thu, 27 Apr 2017 02:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
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आरएम स्कूल के गेट में लगी सील को खोलते तहसीलदार - फोटो : अमर उजाला
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जिला प्रशासन ने सील किए गए ऑरम स्कूल को बुधवार को हाइकोर्ट के निर्देशों के बाद खोल दिया। स्कूल खुलते ही पुलिस जांच भी तेज हो गई। विवेचना अधिकारी ने मासूम के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली और डीवीआर को कब्जे में ले लिया है। एहतियात स्कूल के बाहर पीएसी को तैनात किया गया है।
 बुधवार की सायं करीब पौने चार बजे सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्रा ने स्कूल की सील खोल दी। मामले की जांच कर रही आईओ एसआई लता बिष्ट को मासूम ने कई अहम जानकारी भी दी। पुलिस की पूरी जांच सीसीटीवी फुटेज पर ही टिकी हुई है। गुरुवार को एसएसपी जन्मेजय खंडूडी फुटेज की जांच करेंगे। इसके बाद कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। गुरुवार से स्कूल नियमित रूप से खोला जाएगा। 
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ऑरम स्कूल में पांच साल की मासूम के साथ स्टाफ ने शारीरिक छेड़छाड़ की थी। इसके विरोध में गुस्साए लोगों ने हाइवे जाम कर दिया था। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने स्कूल को सील कर दिया था। स्कूल में पढ़ रहे दूसरे बच्चों के अभिभावकों ने हाइकोर्ट में रिट दायर कर स्कूल खोलने की अपील की थी ताकि अन्य बच्चों का शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं हो। हाइकोर्ट ने जिला प्रशासन को दो दिनों में स्कूल खोलने के निर्देश दिए थे।





पुलिस गुरुवार को स्कूल स्टाफ और टीचर्स से भी इस प्रकरण में पूछताछ कर सकती है। बुधवार की देर शाम स्कूल खुलने से पुलिस इनसे पूछताछ नहीं कर पाई थी। मासूम के परिजनों का आरोप है कि उसने क्लास टीचर से आरोपी बलवंत बिष्ट की शिकायत की थी लेकिन उन्होंने इस पर कोई सुनवाई नहीं की। प्रिंसिपल पर भी बच्चों की शिकायत अनसुनी करने का आरोप है। 


पुलिस को मासूम ने दफा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने बयान मिल चुके हैं। अब पुलिस बयानों के आधार पर सबूत जुटाने में लग गई है। साक्ष्य एकत्र होते ही पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। 

बाक्स
अभी तैनात रहेगी पीएसी 
हल्द्वानी। स्कूल की सुरक्षा के मद्देनजर एक कंपनी पीएसी तैनात की गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जब तक मामले की जांच पूरी नहीं होती है तब तक स्कूल में पीएसी तैनात रहेगी।

कोट
बच्ची के 164 के बयान मिल गए हैं, स्कूल में भी मासूम के साथ मुआयना किया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। बयानों और सबूतों के आधार पर ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा।
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- जन्मेजय खंडूडी, एसएसपी नैनीताल 


ऑरम स्कूल के मालिक मणि पुष्पक जोशी ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि मासूम के परिवार के कुकृत्य में सह आरोपी का आरोप लगाने के बाद रूदन व टूटन है। अब और सहन करना मुश्किल है, जिस नेक इरादे से ऑरम की नींव रखी थी उस पर कुछ तथाकथित समाजसेवियों की ईर्ष्या की चोट पड़ते दिल दुख रहा है। अभी तक मैं पीड़ित परिवार के कष्ट में कंधे से कंधा मिला कर खड़ा था भावनाओं में बह रहा था पर परिवार के आरोपों ने आत्म मंथन के लिए विवश कर दिया है। इस मुश्किल से लड़ कर खुद को निर्दोष साबित करना प्राथमिकता है। मैं नहीं समझ पा रहा हूं किस वजह से परिवार ने यह घिनौना आरोप लगाया। मुझे नहीं पता इसके पीछे कौन है पर अब मैं चुप नहीं बैठूंगा। मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार है। मुझे अंदाज भी नहीं है कि इस तरह का आरोप लगाने से पहले क्या एक बार सोचा भी गया या नहीं। क्या यह संभव है कि स्कूल में स्कूल कर्मचारी के साथ मिलकर ऐसा करना तो दूर सोचा भी जा सकता है। क्या वर्षों की मान प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ किया जा सकता है। 

 
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