उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के कई पद केवल प्रभारियों के भरोसे ही चल रहे हैं। बोर्ड कार्यालय में न केवल अधिकारियों की कमी है, बल्कि पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों के पद भी खाली हैं।
शिक्षा परिषद के सचिव डा. डीके मथेला के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद खाली है। अपर सचिव पद पर दो पदों के सापेक्ष एक ही अधिकारी तैनात हैं।
वहीं सहायक सचिव पद पर दो अधिकारियों के सापेक्ष कोई भी अधिकारी नहीं है। बतौर शोध अधिकारी के 12 पदों में से 10 पर ही तैनाती है। प्रधान सहायकों के 22 पदों के सापेक्ष 18 पर ही तैनाती है।
लेखा संवर्ग में नौ कार्मिकों के सापेक्ष तीन कार्यरत हैं। वाहन चालक के पदों पर भी चार की जगह एक वाहन चालक है। शिक्षा परिषद में 134 पदों के सापेक्ष 112 अधिकारी हैं।
बोर्ड कार्यालय में पहले की अपेक्षा अब काम बड़ा है। अब छात्रों को मूल्यांकित उत्तरपुस्तिकाएं भी दिखाई जाती हैं। बावजूद इसके अब कई पद खाली हैं।
परिषद के प्रभारी बीपी सिमल्टी के अनुसार वस्तुस्थिति से बोर्ड सभापति, निदेशक माध्यमिक शिक्षा आरके कुंवर को बताया जा चुका है।
बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कोई कमी न रह जाए, इसके लिए बोर्ड कार्यालय शिक्षकों को प्रशिक्षित करेगा। बोर्ड कार्यालय में प्रत्येक जिले में 28 जुलाई को हाईस्कूल स्तर के शिक्षकों, 29 जुलाई को इंटर स्तर के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
उत्तराखंड शिक्षा परिषद के निर्माण के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है कि माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत सभी शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इससे पूर्व तक सिर्फ बोर्ड मूल्यांकन की उत्तरपुस्तिका जांचने वाले शिक्षकों को ही प्रशिक्षित किया जाता रहा है।
22आरएनआर06। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद कार्यालय।