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स्कूल बसों में कई मानक ताक पर!

Wed, 15 Apr 2015 02:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
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स्कूल बसों को लेकर कई मानक ताक पर हैं। अब परिवहन विभाग सख्ती से इन बसों की चेकिंग की बात कह रहा है। हल्द्वानी और आसपास क्षेत्र में करीब 200 बसें संचालित होती है।
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सुप्रीम कोर्ट ने 1997 में स्कूल बसों को लेकर आर्डर किया था, जिसमें साफ कहा गया है कि बस के अंदर प्रशिक्षित कंडक्टर होना चाहिए। इस कंडक्टर के पास परिवहन विभाग से जारी कंडक्टर लाइसेंस भी होना चाहिए। जो चालक बस चलाता हो, उसे समय-समय पर रिफ्रेशर कोर्स में शामिल होना चाहिए। इसमें शराब पीकर या खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा तक दर्ज करने को कहा था।

 बसों की गति तेज न हो, इसके लिए स्पीड गवर्नर लगाने को कहा गया, लेकिन इनमें से कई मानकों का पालन स्कूल बसों में नहीं हो रहा है। कंडक्टर लाइसेंस आदि शायद ही अधिकारी चेकिंग में देखते भी हो। यह नहीं, परिवहन अधिकारियों के अनुसार बस में चालक-कंडक्टर के अलावा एक हेल्पर भी होना चाहिए, जो कि सुनिश्चित करे कि बच्चे सही से चढ़-उतर रहे हैं। आरटीओ एसके सिंह का कहना है कि इन बसों की लगातार चेकिंग होती है। मानकों को लेकर और सख्ती से परीक्षण कराया जाएगा।
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स्कूल बस के मानक
- बस का रंग पीला होना चाहिए।
- खिड़कियों पर लोहे की जाली होनी चाहिए।
- ड्राइवर के पास कम से कम पांच साल का वाहन चलाने का अनुभव हो।
- बस के पीछे स्कूल संचालक का नंबर होना चाहिए, जिससे कोई नियम तोड़े पर लोग शिकायत कर सके।
- ड्राइवर बाकायदा वर्दी पहने हो।
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