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आज से बजेगी स्कूलों की घंटी

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हल्द्वानी। 11 महीने बाद सोमवार से छठी से 12 वीं तक के स्कूल खुल जाएगंग। स्कूल प्रबंधकों की ओर से विद्यालय खोलने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शिक्षा विभाग ने भी स्कूलों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।
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बसों के नहीं चलने से अभिभावक असमंजस में हैं। स्कूल बस में कम संख्या में बच्चों को लाने ले जाने की वजह से अधिकांश पब्लिक स्कूल बसें चलाने के पक्ष में नहीं हैं। अभिभावकों को ही बच्चों को स्कूल छोड़ना पड़ेगा। इसके अलावा स्कूलों में कक्षाओं में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की भी चुनौती है। पब्लिक स्कूलों की बसें अभी आरटीओ में सरेंडर हैं, इसलिए स्कूल बसें चलने के कोई आसार नहीं है।
हल्द्वानी के पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश भगत ने कहा कि शासन की ओर से जारी एसओपी मिली है। हम स्कूल खोलने को तैयार हैं मगर इसमें कई व्यावहारिक दिक्कतें हैं। शासन ने ऑफलाइन कक्षाओं के साथ ही ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की भी बात कही है। एक ही शिक्षक दोनों मोड में कैसे पढ़ाएंगे। नए नियम से स्कूलों को बसें चलाने में परेशानी आएगी। पब्लिक स्कूल एसोसिएशन ने सभी स्कूल संचालकों को इस बारे में खुद निर्णय लेने को कहा है।
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खंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्र ने कहा कि एसओपी के अनुसार सभी स्कूलों में व्यवस्थाएं कराई जा रही हैं। जूनियर हाईस्कूलों एवं माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों को कोविड-19 से बचाव के लिए गाइड लाइन का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी स्कूलों में सैनिटाइजर की व्यवस्था के साथ ही प्रत्येक बच्चे की थर्मल स्क्रीनिंग करने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक बच्चे को अपने अभिभावकों की सहमति लेकर आने पर स्कूल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
स्कूलों में सैनिटाइजेशन किया जाएगा
देहरादून। शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के अनुसार अभिभावकों की सहमति के बाद ही छात्रों को स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। स्कूलों को खोलने से पहले सैनिटाइजेशन किया जाएगा। यह प्रक्रिया हर दिन प्रत्येक पाली के बाद नियमित रूप से की जाएगी। स्कूलों में सैनिटाइजर, हैंडवाश, थर्मल स्कैनिंग एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है। कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए संबंधित स्कूल की ओर से एक नोडल अधिकारी नामित किया गया है। जो सोशल डिस्टेंसिंग एवं कोविड प्रोटोकाल संबंधी दिशा निर्देशों के पालन के लिए उत्तरदायी होंगे। यदि स्कूल में छात्रों, शिक्षकों और अन्य स्टाफ के बीच संक्रमण की स्थिति पैदा होती है तो इससे जिला प्रशासन को अवगत कराने की जिम्मेदारी नोडल अधिकारी की होगी।
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