वन ग्रामीणों ने सोमवार की शाम मशाल जुलूस निकालकर राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग प्रमुखता से उठाई। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
अनुसूचित जाति, जनजाति संगठन के जिलाध्यक्ष एस लाल, गोपाल शर्मा के नेतृत्व में सैंकड़ो वन ग्रामीणों ने मशाल लेकर जुलूस निकाला। भवानीगंज चौक पर हुई सभा में ग्रामीणों ने कहा कि शासन-प्रशासंन ग्रामीणों की मांग को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। अब हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने वन ग्रामीणों को राजस्व ग्राम घोषित करने सहित बिजली, सड़क, पानी, स्कूल, पंचायत भवन, सिंचाई नहर बनाने की मांग उठाई।
इस दौरान रमेश चंद्र, हेमा टम्टा, चंद्र प्रकाश थपलिया, देवेंद्र सिंह, कैलाश पपनै, राम सिंह, पुष्कर लाल, मोहन सिंह, मो. ताहिर, किशोर कुमार, हरीश पंचवाल, हरी राम, खुशाली राम, पनीराम, शिवनाथ गोस्वामी, नंदन सिंह रावत, पान सिंह रौतेला, बचुली देवी, मुन्नी देवी, कांति देवी, हरूली देवी, शांति देवी, हेमा देवी, नाजरा, संगीता रावत, प्रियंका आर्या, हेमा देवी, मंजू पपनै, सरिता सिंह, हरूली देवी, मेघा कुमारी समेत सैंकड़ो वन ग्रामीण मौजूद थे।
कालूसिद्ध नई बस्ती, पूछड़ी, किशनपुर छोई, टेड़ा खत्ता, चौपड़ा, लेटी, आमडंडा खत्ता, रिंगौड़ा खत्ता, देवीचौड़ खत्ता, सुंदरखाल, सिमानी खत्ता, कुंभगडार खत्ता, कारगिल पटरानी, नत्थावली, मालधनचौड़ नंबर 8-10, पटरानी, शिवनाथपुर, हनुमानगढ़ी, चूनाखान, बेलगढ़ गठिया, तुमड़िया डाम खत्ता, अर्जुननाला।
मशाल जुलूस से पहले लखनपुर में आयोजित वन ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव बहिष्कार करने पर सहमति जताई। उनका कहना है जब सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर सकती तो वोट क्यों डालें।