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दलाल चला रहे बिजली विभाग

Wed, 25 Feb 2015 01:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी
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बिजली विभाग को उसके ही कर्मचारी पलीता लगा रहे हैं। विभाग में सक्रिय ऐसे दलाल कर्मचारी पैसा लेकर बिल न आने की गारंटी देेते हैं और उपभोक्ता से अनबन होने पर छापा मरवाने का दम भी रखते हैं।
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तल्ली हल्द्वानी स्थित सतवाल कालोनी में निर्मला देवी के नाम से दो दुकानों का डेढ़ वर्ष पूर्व व्यावसायिक कनेक्शन हुआ। एक लाइनमैन ने सात हजार रुपए लेकर कनेक्शन कराया। कनेक्शन के बाद दुकानदार बिजली जलाते रहे लेकिन एक रुपए का भी बिल नहीं आया। उनके पति गुलाब सिंह नेगी ने बताया कि गत वर्ष लाइनमैन की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि ठेके पर रखा गया एक कर्मी क्षेत्र में कई लोगों से वसूली कर बिल न आने की गारंटी लेता है। चार दिन पूर्व उन्होंने कर्मी को छह हजार रुपए दिए थे।

पावर कारपोरेशन के बकाया भुगतान न करने पर काटे जा रहे कनेक्शन की जानकारी मिलने पर नेगी ने कर्मी से बिल देने को कहा। इस बात पर दोनों की अनबन हो गई और कर्मी ने छह हजार रुपए वापस करने के बाद छापा मरवाने की धमकी दी थी। तब नेगी ने भी कहा था कि डेढ़ साल का जो भी बिल जुर्माने के साथ आएगा, वह उसे भरने को तैयार हैं। साथ ही विभाग के उच्चाधिकारियों को भी बताएंगे कि उक्त कर्मी पैसे लेकर कहां-कहां बिजली चोरी करवा रहा है।
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मंगलवार को विद्युत विजिलेंस के जेई, एसडीओ और अवर अभियंता ने क्षेत्र में छापे मारे। छापे में उपभोक्ता के न मिलने पर कनेक्शन काट दिया गया। विजिलेंस के अवर अभियंता आरसी पांडे ने बताया कि प्रेम चुनरिया बैक्वेंट हाल में अस्थायी कनेक्शन 2012 में कराया था। उनका बिल नहीं आया था और मीटर की रीडिंग 8342 थी। बैंक्वेट हाल के मालिक को बिल भेजा जाएगा। कल्पना वर्मा और महेश्वरी के नाम से लिए गए घरेलू कनेक्शन का कामर्शियल प्रयोग हो रहा था। दोनों उपभोक्ताओं को कामर्शियल का बिल भेजा जाएगा।

निर्मला देवी के कनेक्शन की जांच के दौरान दुकान मालिक वहां नहीं थे। उनको फोन किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। कनेक्शन काटने के बाद सभी कागज लेकर उपभोक्ता को कार्यालय में आने को कहा गया है। - आरसी पांडे, अवर अभियंता विद्युत विजिलेंस

इस तरह का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। छापे की रिपोर्ट भी नहीं आई है। उपभोक्ता अगर कर्मी की लिखित शिकायत करेगा तो मामले की जांच कराई जाएगी। कर्मी के दोषी मिलने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। - डीएस बिष्ट, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण वितरण खंड
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