नैनीताल रोड पर गुलाब घाटी के पास शनिवार शाम को मलबा आ गया। इसके चलते 15 किमी तक नैनीताल और भीमताल मार्ग पर जाम लग गया। इसमें हजारों यात्री फंस गये। इसमें से कई यात्रियों को शाम को देहरादून और दिल्ली जाने वाली ट्रेनों को पकड़ना था, वह पैदल ही सामान लेकर भागे। काठगोदाम पुलिस, सीपीयू के जवानों ने जाम खुलवाने के लिए मशक्कत की, लेेकिन ट्रैफिक रेंगकर ही चलता रहा। रात दस बजे तक जाम जैसी स्थिति बनी रही।
गुलाब घाटी का इलाका लंबे समय से क्रानिक जोन बना हुआ है। यहां पर सड़क धंस चुकी है, जिसे अस्थाई जुगाड़ से जैसे-तैसे रोका गया है। इसके अलावा गुलाब घाटी में ऊपर से भारी मलबा आ रहा है। इसके चलते आये दिन जाम की स्थिति बन रही है। शाम को करीब चार बजे बारिश के बाद गुलाब घाटी में भारी भूस्खलन हो गया। इसके चलते ट्रैफिक रुक गया। नैनीताल रोड पर भुजिया घाट तक और भीमताल मार्ग पर बोहराकुन तक वाहनों की कतार लग गई।
हल्द्वानी की तरफ से निर्मला स्कूल तक वाहनों की लाइन लग गई। जाम से परेशान लोग अपने वाहन सड़क पर खड़ा कर आसपास के रेस्टोरेंट, ढाबों में चले गए। कई लोगों को ट्रेन और बसें पकड़नी थी, वह पैदल ही सामान उठाकर चल दिये। सूचना पर पहुंची एनएच की जेसीबी आदि ने मलबा करीब छह बजे के आसपास हटाया। पुलिस और सीपीयू की टीम ने पहुंच कर जाम खुलवाने की कोशिश शुरू की। इसके बाद वाहनों का संचालन शुरू हुआ। चौपहिया और बड़े वाहन तब भी जाम में फंसे रहे। मार्ग पर घंटों जाम लगा रहा। वहीं, भीमताल मार्ग पर सलड़ी के पास भी मलबा आया था, लेकिन उससे ट्रैफिक बंद होने जैसी स्थिति नहीं आयी। वाहनों का दबाव बढ़ने से गौलापार मार्ग भी जाम लग गया।
सेल्फी भी लेने की होड़
हल्द्वानी। जाम में फंसे लोगों ने मनोरंजन का भी रास्ता तलाश कर लिया। भीषण जाम में फंसे लोग सेल्फी के साथ वीडियो बनाकर अपडेट भेजने लगे।