नैनीताल। स्नोव्यू जा रही दो रोपवे ट्रॉली के अटकने से दस लोगों की धड़कनें करीब एक घंटे तक थमी रहीं। मंगलवार शाम हुई घटना से रोपवे कर्मियों में खलबली मच गई। करीब एक घंटे बाद रेस्क्यू टीम की मदद से सभी लोगों को सकुशल उतारा लिया गया। देर शाम फॉल्ट को दुरुस्त कर रोपवे ट्रॉली का संचालन दोबारा शुरू हो गया।
बता दें कि कुमाऊं मंडल विकास निगम मल्लीताल से स्नोव्यू (करीब 400 फीट) तक पर्यटक और स्थानीय लोगों के लिए रोपवे ट्रॉली का संचालन करता है। मंगलवार शाम करीब चार बजे पर्यटकों समेत 10 लोगों को लेकर जा रही रोपवे ट्रॉली टावर के पास रुक गई। इस दौरान मल्लीताल की ओर आ रही ट्रॉली में एकमात्र ऑपरेटर भगवान साह मौजूद थे, जबकि स्नोव्यू की ओर जा रही ट्रॉली में निगम कर्मी देवकी नंदन, सात नंबर निवासी बाली, स्थानीय निवासी राजेंद्र रावत और आशा रावत, अल्मोड़ा से आए सैलानी राहुल समेत इलाहाबाद निवासी दो सैलानियों समेत कुल दस लोग सवार थे। इनमें एक बच्चा और दो महिलाएं शामिल थीं।
करीब 400 फीट की ऊंचाई पर ट्रॉली के अटकते ही उसके भीतर मौजूद सैलानियों की धड़कनें तेज हो गईं। इस दौरान ट्रॉली में मौजूद निगम कर्मियों देवकी नंदन और भगवान साह ने कंट्रोल रूम में सूचना दी। अधिकारियों के निर्देश के बाद ट्रॉली में तैनात निगम कर्मियों ने ही ट्रॉली में मौजूद रस्सियों के सहारे सैलानी और स्थानीय लोगों को नीचे उतारा। रेस्क्यू टीम में अमर साह, भगत सिंह, विपिन खुल्बे, राजेश आर्य, पंकज जोशी, गजेंद्र और चंदन शामिल थे। रोपवे के प्रबंधक शिवम शर्मा ने बताया कि शाम साढ़े पांच बजे के करीब ट्रॉली में फंसे सभी लोगों को रस्सी की मदद से रेस्क्यू कर सुरक्षित उतार लिया।
ट्रॉली में फंसे लोगों को लेकर स्थिति साफ नहीं
रोपवे की ट्रॉली में सवार लोगों की संख्या पर कर्मियों और अफसरों के अलग-अलग मत होने से स्थिति साफ नहीं हो सकी। रोपवे में तैनात कुछ कर्मचारियों ने ट्रॉली में मौजूद लोगों की संख्या तीन और निगम के प्रबंध निदेशक रोहित मीणा ने यह संख्या पांच बताई। वहीं, रोपवे प्रबंधक शिवम शर्मा ने ट्रॉली में मौजूद लोगों की संख्या चार या पांच बताई। बता दें कि ट्रॉली में सवार होते वक्त केवल टिकट चेक किया जाता है। किसी भी दस्तावेज में सैलानियों का नाम-पता दर्ज नहीं होता है।
इलेक्ट्रिक फॉल्ट के चलते अटकी ट्रॉली
निगम के अधिकारियों के मुताबिक ट्रॉली के रुकने का कारण इलेक्ट्रिक फॉल्ट था। इस कारण केबल कार में अचानक ब्रेक लग गए, जिससे दोनों ट्रॉली बीच रास्ते में अटक गई। बाद में निगम के प्रशिक्षित कर्मचारियों ने किसी तरह ट्रॉली में आए फॉल्ट को दुरुस्त कर लिया। करीब डेढ़ घंटे बाद ट्रॉली फिर से काम करने लगी और सैलानियों ने इसका लुफ्त उठाया।
रोपवे ट्रॉली का सफर करने वालों में पर्यटक ज्यादा
पर्यटन सीजन में नैनीताल आने वाले पर्यटक रोपवे ट्रॉली का लुफ्त उठाने जरूर जाते हैं। सीजन में करीब 200 से ज्यादा पर्यटक रोपवे से मल्लीताल से स्नोव्यू का सफर तय करते हैं। पहाड़ों के बीच हवा से बात करते हुए ट्रॉली का यह सफर पर्यटकों के लिए काफी रोमांच भरा होता है। रोपवे ट्र्रॉली से होने से वाली आय से केएमवीएन को भी राजस्व प्राप्त होता है।
इलेक्ट्रिक फॉल्ट के कारण कुछ देर के लिए ट्रॉली अटक गई थी। तब ट्रॉली में केवल पांच लोग सवार थे, जिन्हें रेस्क्यू कर सुरक्षित उतार लिया गया। रोपवे की मरम्मत का कार्य शीघ्र प्रस्तावित है। इसे जल्द शुरू कराया जाएगा। इस दौरान लगभग 20-22 दिन तक रोप-वे का संचालन नहीं होगा।
रोहित मीणा, प्रबंध निदेशक कुमाऊं मंडल विकास निगम