उत्तराखंड परिवहन निगम में अनुबंध में संचालित बसों के प्रपत्रों से छेड़छाड़ का मामला उजागर हुआ है। बस संचालकों के सादे कागजों में बिल भुगतान आवेदन करने से प्रपत्रों से छेड़छाड़ पकड़ में आई है। स्टेशन प्रभारी ने संचालकों को चेतावनी दी है।
हल्द्वानी डिपो से अनुबंधित नौ बसें देहरादून, रुद्रपुर, टनकपुर और रुड़की के लिए संचालित होती हैं। अनुबंध के हिसाब से बस चालकों को वर्दी पहननी अनिवार्य है। यात्री सुविधाओं का भी ध्यान दिया जाना है, ताकि यात्रियों को फटी कुर्सियों और टूटे शीशे वाली बसों में सफर न करना पड़े।
अनुबंधन के मानक पूरे नहीं करने पर जुर्माने का प्रावधान है। स्टेशन प्रभारी आरएस नेगी के मुताबिक अनुबंधन की बसों में चालकों के वर्दी नहीं पहनने की शिकायत पर पिछले दिनों चेकिंग की गई। चेकिंग में वर्दी नहीं होने पर चालान कर उनके प्रपत्र में उसका उल्लेख किया गया।
स्टेशन प्रभारी के मुताबिक अनुबंध की बसों को महीने में दो बार बिल भुगतान किया जाता है। इस दौरान प्रपत्र चेक किए जाते हैं। चालान होने पर बिल में कटौती की जाती है।
प्रभारी के मुताबिक सभी अनुबंध बस संचालकों ने बिल भुगतान के आवेदन में प्रपत्र गायब कर दिए। सादे कागजों में बिल आवेदन किया, जिससे गड़बड़ी पकड़ में आई। उन्होंने चेतावनी दी कि अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन में कार्रवाई की जाएगी।
वाल्वो का किराया बढ़ा
चंडीगढ़ और देहरादून के लिए संचालित वाल्वो बसों का किराया बढ़ने से यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। किराया वृद्धि का कारण सर्विस टैक्स बताया जा रहा है। हालांकि दूसरे रूटों की सामान्य बसों में किराया नहीं बढ़ा है।
सूत्रों के मुताबिक चंडीगढ़ का वाल्वो किराया 1620 रुपए से बढ़कर 1789 और देहरादून का किराया 1164 से बढ़कर 1202 रुपए हो गया।