जिन दुकानदारों ने सड़क किनारे रैलिंग या लोहे की राड लगाकर बाइक पार्किंग के लिए जगह कब्जा ली है, अब उनकी खैर नहीं। प्रशासन ने उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली है। शुक्रवार को उप जिलाधिकारी आशीष चौहान ने नगर पालिका के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस पर चर्चा की।
एसडीएम ने पालिका के अवर अभियंता ईश्वर सिंह रौतेला और कर अधीक्षक लता आर्या के नेतृत्व में दो टीमें गठित कर दी हैं। तय किया गया कि यह टीमें नगर में जगह-जगह घूमकर ऐसे अनाधिकृत स्थानों को चिन्हीकरण कर एक सप्ताह में एसडीएम को सौंपेंगे। उसके बाद चिन्हित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। टीम में नगर पालिक के साथ प्रशासन, राजस्व, लोनिवि आदि के अधिकारी भी रहेंगे।
बैठक के बाद उपजिलाधिकारी चौहान ने पालिका के अधिकारियों के साथ मल्लीताल पंत पार्क से गुरुद्वारे तक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फड़-खोखा व्यवसायियों का शिष्टमंडल एसडीएम से मिला और फड़ लगाने की अनुमति मांगी।
इस पर एसडीएम ने हाईकोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जब तक पालिका वेंडर जोन घोषित नहीं करती तब तक प्रतिबंधित क्षेत्र में व्यवसायिक कार्य नहीं किया जा सकता। पालिका के ईओ रोहिताश शर्मा ने बताया कि वेंडर जोन के लिए राज्य सरकार की ओर से इस मामले में नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है।