धारचूला (पिथौरागढ़)। दारामा घाटी के चलखम में ग्लेशियर आने से दारामा घाटी के लिए आवाजाही ठप हो गई है। सड़क खुलने में एक हफ्ते से अधिक समय लगेगा। बालिंग गांव निवासी दिनेश सिंह बनग्याल ने बताया कि दारमा घाटी में कल की बर्फबारी से चलखम नामक जगह पर ग्लेशियर आने सड़क बंद हो गई है। सीपीडब्ल्यूडी विभाग को इसकी सूचना दे दी है। दिनेश सिंह बनग्याल ने बताया कि सड़क एक सप्ताह से पूर्व खुलना मुश्किल है।
सेला, सीपू, मार्छा में हुआ जमकर हिमपात
धारचूला (पिथौरागढ़)। दारमा घाटी में सेला गांव में दो फीट बर्फबारी और विश्व प्रसिद्ध पंचाचूली ग्लेशियर और सीपू, मार्छा और चीन सीमा की पहाड़ियों में तीन फीट से ज्यादा फीट बर्फबारी हुई है।
दारमा घाटी में वर्तमान में सिर्फ सीमा सुरक्षा में लगे जवान की तैनात है। इधर, व्यास घाटी में छियालेख से ऊपर की गांव में सड़कों में करीब एक फीट से ज्यादा बर्फबारी हुई है। कालापानी लिपुलेख, कुटी और ज्योलीकांग के पहाड़ों में तीन फीट से ज्यादा बर्फबारी हुई है। अप्रैल माह में तीन से चार बार उच्च हिमालयी गांव में जमकर बर्फबारी हुई है।
इस समय व्यास घाटी में बुंदि, गर्ब्यांग, नप्लचु, गुंजी, रौंकाग और नाबी में करीब हर गांव में 10 से ज्यादा परिवार अपने जानवरों और अन्य कार्यों के लिए 12 महीने से गांव में रह रहे हैं। सड़क निर्माण में बीआरओ के अधिकारियों और दुमका और स्थानीय करीब 200 मजदूर लगे हैं। 67 आरसीसी ग्रिफ गुंजी इंचार्ज के एईई अमन ने बताया कि सड़क में एक फीट से ज्यादा बर्फ पड़ी है। मौसम सही होने पर सड़क से बर्फ हटा दी जाएगी। अप्रैल माह में दारमा घाटी और व्यास घाटी में बार-बार बर्फबारी होने से लोगों हैरानी है। मई से माइग्रेशन जाने वाले लोगों में बर्फबारी से चिंता सताने लगी है।
पिथौरागढ़ में जमकर बरसे मेघ मुनस्यारी में 32 एमएम बारिश
पिथौरागढ़। सीमांत जनपद के विभिन्न हिस्सों में बारिश और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमपात हुआ है। बारिश और हिमपात के बाद निचले क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश के कारण सूख चुके गाड़ गधेरों में भी पानी बहने लगा है। बारिश के बाद धूप खिलने से लोगों के चेहरे में मुस्कान देखी गई।
सीमांत जनपद के मुनस्यारी में सबसे अधिक 32 एमएम बारिश हुई। धारचूला में 29, पिथौरागढ़ और गंगोलीहाट में 19.00, बेड़ीनाग में 15 और डीडीहाट में 12 एमएम बारिश हुई। उच्च हिमालयी क्षेत्र के खलिया में एक फीट, बलाती में एक इंच, मल्ला जोहार में तीन फीट बर्फबारी हुई है।
इधर, हंसलिंग, पंचाचूली, राजरंभा, नागिनधूरा में भी बर्फबारी हुई। इसके बाद मुनस्यारी का अधिकतम तापमान सात डिग्री और न्यूनतम तापमान दो डिग्री दर्ज किया। लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा ले रहे हैं। इधर पिथौरागढ़ में बारिश के बाद जिले के अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। जिले का अधिकतम तापमान 17.00 और न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नगरीय क्षेत्र में भारी बारिश के कारण रई पुल के पास कचरे के जमा होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। किसान लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे थे।
बर्फबारी से रुका धापा-मिलम सड़क का काम
मुनस्यारी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद चीन सीमा के लिए बन रही मुनस्यारी-मिलम सड़क का काम ग्रिफ ने बंद कर दिया है। ग्रिफ वर्तमान में चिलमधार से धापा तक सड़क निर्माण का कार्य कर रही है। बर्फबारी के बाद रालगाड़ी से मपांग के लिए बन रही सड़क का काम ग्रिफ को रोकना पड़ा है। यहां तीन से चार फिट तक बर्फबारी हुई है।
चंपावत जिला मुख्यालय में हल्की बारिश से ठंड बढ़ी
चंपावत। जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में शनिवार को हल्की बारिश हुई। इससे ठंड में इजाफा हो गया। चंपावत में सुबह से ही बादल छाए रहे। दोपहर एक बजे से करीब आधे घंटे तक हल्की बारिश हुई। बारिश होने से बाजार में सुनसानी छा गई। इस दौरान कई लोग भीगते दिखाई दिए। कभी तेज धूप तो कभी बादल छाने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि बारिश होने से आलू और गेहूं की फसल को आंशिक फायदा पहुंच रहा है। शनिवार को चंपावत का न्यूनतम तापमान 7.10 डिग्री और अधिकतम 17.80 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।