हाईकोर्ट ने 1978 के रिवर बैंड मैटेरियल पर ट्रांजिट शुल्क 5 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रतिटन किए जाने के मामले में दायर स्पेशल अपील को निस्तारित करते हुए कहा है कि ट्रांजिट शुल्क 18 मई 2015 से 15 रुपया प्रतिटन लिया जाए तथा इस शुल्क को कुछ समयावधि के बाद बढ़ाया जाए। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
मैसर्स ताज स्टोन क्रशर, गलफार इंजीनियरिंग एंड कांट्रेक्टिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और कई अन्य ने हाईकोर्ट में स्पेशल अपील दायर कर कहा था कि 18 मई 2015 को उत्तराखंड सरकार ने उत्तराखंड ट्रांजिट ऑफ टिंबर एंड फॉरेस्ट प्रोड्यूज रूल बनाए जिसके तहत आरबीएम रिवर बैंड मैटेरियल का ट्रांजिट शुल्क 5 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये प्रतिटन कर दिया गया।
याचियों की ओर से सरकार के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पेशल अपील को निस्तारित करते हुए कहा है कि ट्रांजिट शुल्क 18 मई 2015 से 15 रुपये प्रतिटन लिया जाए तथा ट्रांजिट शुल्क कुछ समयावधि के बाद बढ़ाया जाए।