नैनीताल। पर्यावरण संरक्षण के लिए सेवानिवृत्त प्रो. शिवदत्त तिवारी की मुहिम प्राण वायु का असर दिखने लगा है। अब शिक्षण संस्थानों, प्रतिष्ठानों और घरों के बाहर दो गमलों में सदाबहार पौधे लगाकर उनका प्राण वायु नाम रखना लोगों ने शुरू कर दिया है। प्रो. तिवारी का दावा है कि उनके क्षेत्र के 80 फीसदी लोगों ने घरों में दो गमले रखकर उनमें पौधे रोपकर प्राण वायु नाम दिया है।
हल्द्वानी के महिला कॉलेज से बॉटनी के सेवानिवृत्त प्रो. शिवदत्त तिवारी बताते हैं कि उनकी इस मुहिम का उद्देश्य विश्व को प्राण वायु का संदेश देना और पौधरोपण को बढ़ावा देना है। हल्द्वानी में अपने ऊंचापुल आवास से उन्होंने इसकी शुरुआत की और आसपास प्रतिष्ठानों में गमले लगाने के लिए प्रेरित किया। अब वह शिक्षण संस्थाओं में जाकर शिक्षकों, विद्यार्थियों को इसका हिस्सा बनने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। संवाद
कई विभागों ने भी अभियान दिख रहा असर
प्रो. तिवारी के अभियान का असर कुमाऊं विवि के डीएसबी परिसर व अन्य विभागों में भी देखने को मिल रहा है। नैनीताल में कई विभागाें में प्राण वायु गमले लगाए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए हम सभी को अपनी दैनिक जीवनशैली में कुछ बदलाव लाने की आवश्यकता है। हमें पौधरोपण को बढ़ावा देने और प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करने की जरूरत है।