फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nainital News: उत्तराखंड के पारंपरिक खेलों में शोध की कवायद

Fri, 20 Feb 2026 02:38 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
विज्ञापन
विज्ञापन
हल्द्वानी। विशेष सचिव खेल और खेल विश्वविद्यालय के कुलपति अमित सिन्हा ने कहा कि परंपरागत खेलों को शोध में शामिल करने की कवायद की जाएगी। ये खेल उत्तराखंड की संस्कृति और शारीरिक कौशल का मिश्रण हैं। इन्हें बढ़ावा दिया जाएगा जिससे केवल खेल महाकुंभ तक सीमित इन खेलों को चलन में लाया जा सके।
विज्ञापन

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय निर्माण के बाद राज्य के परंपरागत खेलों को बढ़ावा देने के विषय में कुलपति अमित सिन्हा ने बताया कि यदि भारत के अन्य राज्यों में पारंपरिक खेलों पर अनुसंधान हो रहा है तो उसे प्रदेश में भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। इन खेलों को खेल विवि में शामिल करना संभव नहीं है। इनकी शुरुआत विद्यालय स्तर की जा सकती है। पारंपरिक खेलों के प्रशिक्षकों का भी चयन किया जाएगा।


-
मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी में शामिल हुए खिलाड़ी

उत्तराखंड में इस वर्ष आयोजित खेल महाकुंभ में कंचा, पिट्ठू, रस्साकसी और मुर्गा झपट खेल को शामिल किया गया था। इन खेलों के प्रतिभागियों ने चारों स्तर न्याय पंचायत, विधान सभा, संसदीय और मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रदेश के प्राचीन खेलों का अपना महत्व है। इसमें कंचे निशानेबाजी व गणना कौशल और पिट्ठू शारीरिक क्षमता, फुर्ती व टीम वर्क का नमूना है। मुर्गा झपट शक्ति, संतुलन और तीव्रता को दर्शाता है। सामूहिक शक्ति और एकता का प्रतीक रस्साकसी खेल ग्रामीण उत्सवों का अहम हिस्सा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें