हल्द्वानी। जिला विकास प्राधिकरण पर रेरा की आड़ में छोटी जोत के किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए किसानों ने मंडी गेट से ट्रैक्टर रैली निकाली जिसे पुलिस और प्रशासन ने रोक दिया। इससे नाराज किसानों ने बरेली रोड हाईवे जाम कर दिया। दो घंटे बाद किसानों ने फिर आगे बढ़ना चाहा, लेकिन पुलिस ने रोक दिया। इस बीच कई बार तीखी बहस हुई। बाद में किसानों ने मंडी गेट के पास टैंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। दोपहर बाद नगर आयुक्त और सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद किसानों ने रविवार को बैठक होने तक धरना स्थगित कर दिया। इस बीच पांच घंटे तक हाईवे जाम रहने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सुबह करीब आठ बजे युवा किसान संघर्ष समिति के संयोजन में और राज्य आंदोलनकारी ललित जोशी के नेतृत्व में गौलापार, चोरगलिया, तीनपानी, लामाचौड़, हल्दूचौड़ और हल्द्वानी समेत आसपास के इलाकों से सैकड़ों की संख्या में पहुंचे किसानों ने नवीन मंडी गेट के पास ट्रैक्टर खड़े करने शुरू कर दिए। इस दौरान किसानों ने हमारी भूमि, हमारा अधिकार, किसान जिंदाबाद, भारत माता की जय के नारे लगाए।
किसानों के तेवर देख प्रशासन ने रैली को वहीं रोकने की कवायद शुरू कर दी। ट्रैक्टरों के मंडी परिसर में जाते ही पुलिस बेरिकेडिंग लगाने लगी। साढ़े दस बजे जब रैली आगे बढ़ी तो पुलिस ने रोक दिया। दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, इसके बाद गुस्साए किसानों ने हाईवे पर बैठकर सभा शुरू कर दी। इससे दोनों ओर आवाजाही थम गई। किसानों ने रेरा की विसंगतियों को लेकर आक्रोश जताया।
किसानों ने कहा कि रेरा के नियमों की आड़ में छोटे किसानों को लक्ष्य बनाया गया है। ललित जोशी ने कहा कि छोटी जोत के किसानों को बच्चों की पढ़ाई, बीमारी या अन्य आर्थिक संकट के समय जमीन बेचकर गुजारा करना पड़ता है। रेरा के प्रावधान दिखाकर किसानों को उनकी जमीन बेचने के हक से वंचित किया जा रहा है। प्राधिकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2017 से रेरा एक्ट लागू है। तब से आज तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यदि किसान गलत हैं तो उसमें रजिस्ट्रार की भूमिका, तहसील, उप जिला अधिकारी और नक्शा पास करने वाले सिटी मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी भी होनी चाहिए। दो घंटे तक किसान वहीं जमे रहे।
करीब साढ़े 12 बजे किसानों ने फिर ट्रैक्टर रैली निकालनी चाही लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया। इस पर उन्होंने मंडी गेट परिसर में टैंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। दोपहर तीन बजे धरनास्थल पर पहुंचीं सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह और नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय ने किसानों को रेरा के बारे में बताते हुए कहा कि जो भ्रांतियां फैली हैं, उन्हें बैठक में सुलझा लिया जाएगा। तय हुआ कि रविवार को नगर निगम में किसानों के साथ बैठकर रेरा को लेकर हो रही भ्रांतियों को दूर किया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद साढ़े तीन बजे किसानों ने धरना समाप्त किया।
सभा को हरीश पलड़िया, कुंदन बोरा, रामसिंह नगरकोटी, धवल सिंह, बलगार सिंह के अलावा कई किसानों ने संबोधित किया। इस दौरान नीरज रैक्वाल, कमल जोशी, तरुण जोशी, बलजीत सिंह, दलबीर सिंह, अजमेर सिंह आदि मौजूद रहे।
पुलिस के साथ हुई नोकझोंक
हल्द्वानी। ट्रैक्टर रैली रोकने से गुस्साए किसानों ने विरोधस्वरूप रैली के लिए दी गई इजाजत की प्रतिलिपि भी जलाईं। इस दौरान किसानों की पुलिस प्रशासन और सीओ से तीखी नोकझोंक भी हुई। ट्रैक्टर रैली के लिए किसान सुबह से पहुंचने शुरू हो गए थे। हालात भांपते हुए पुलिस के साथ ही पीएसी भी बुला ली गई थी। एसपी सिटी हरबंश सिंह, सीओ भूपेंद्र धौनी, विभा दीक्षित और कोतवाल हरेंद्र चौधरी लगातार किसानों के साथ संवाद करते रहे।
हाईवे जाम होने से लोगों को हुई दिक्कत
ट्रैक्टर रैली के दौरान लगे जाम से बरेली रोड से आने वाले वाहनों को तीनपानी से डायवर्ट किया गया। इससे लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी।
स्कूली बस से लेकर कार और बसें तक जाम में फंसी रहीं
हल्द्वानी। हाईवे पर धरने के दौरान दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। इस दौरान कई स्कूली बस भी काफी देर तक फंसी रहीं। इस दौरान स्कूली बच्चे गर्मी से बेहाल रहे। वहीं गंतव्य को जाने वाली अन्य बस और कार भी जाम में फंसे रहे। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से ड्रोन से भी जायजा लिया गया।
विधायक सुमित ने प्रशासन को लिया आड़े हाथ
किसान रैली में पहुंचे विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि आत्मनिर्भर बनो, प्रदेश सरकार कहती है रोजगार को बढ़ावा देते हुए सबका साथ सबका विकास चाहते हैं, लेकिन अचानक तुगलकी फरमान जारी कर दिया जाता है। केंद्र की गलत नीतियों के कारण वैसे ही खेती खत्म हो रही है। सरकार को किसानों के हित में फैसला लेना चाहिए। सभा को कांग्रेस नेता महेश शर्मा ने भी संबोधित किया।
रेरा के विरोध में हल्द्वानी नवीन मंडी से निकाली जा रही ट्रैक्टर रैली संबोधित करते विधायक सुमित