हल्द्वानी में खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली भी अजब-गजब है। एक ओर वह त्योहार शुरू होते ही सैंपलिंग करने लगा तो दूसरी ओर पूर्व में जांच के लिए भेजे गए 172 खाद्य पदार्थों के नमूनों की आज तक रिपोर्ट नहीं आई है। जिन नमूनों की रिपोर्ट आनी है उनमें ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं जो रोजमर्रा के उपयोग में आते हैं और उपयोग न होने पर एक दो दिन में ही खराब हो जाते हैं।
खाद्य सुरक्षा विभाग बाजार में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए समय-समय पर अभियान चलाता है। इस दौरान दुकानों, डेयरियों और अन्य प्रतिष्ठानों से अलग अलग खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए रुद्रपुर स्थित प्रयोगशाला में भेजे जाते हैं। नमूनों की रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है, लेकिन रिपोर्ट आने में देरी होने पर कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रभावित हो जाती है।
इन खाद्य पदार्थाें की आनी है रिपोर्ट
वर्ष नमूनों संख्या रिपोर्ट आई लंबित
2025 398 386 12
2026 172 12 160
समय है 14 दिन का लेकिन फोरमलीन से बचा रहे सैंपल
खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार किसी भी खाद्य पदार्थ की सैंपलिंग की रिपोर्ट मिलने का समय 14 दिन है लेकिन कुमाऊं की एकमात्र प्रयोगशाला रुद्रपुर में स्टॉफ और संसाधनों की कमी के कारण जांच रिपोर्ट समय से नहीं आ पा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार तय समय के बाद नियमों के तहत खाद्य पदार्थ के सैंपल में फोरमलीन मिलाया जाता है, जो खाद्य पदार्थ को खराब करने से बचाता है।
प्राथमिकता के तौर पर लैब में जांच कराई जा रही है, स्टॉफ व संसाधनों की कमी के कारण देरी हो रही है, कुमाऊं की बात करें तो 200 जांचें लंबित हैं और वह इसी साल की हैं। - राजेंद्र कठायत, डिप्टी कमिश्नर, खाद्य सुरक्षा कुमाऊं