रामनगर (नैनीताल)। एमपी इंटर कॉलेज में विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से मुंशी प्रेमचंद याद किया गया। रचनात्मक शिक्षक मंडल के बैनर तले यह आयोजन प्रेमचंद जयंती की पूर्व संध्या पर हुआ। इसमें 38 विद्यालयों के 750 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया। भोर संस्था के नौजवान कलाकारों ने 1857 के विद्रोह के प्रयाण गीत समेत देशप्रेम पर आधारित गीत सुनाए।
मुख्य अतिथि रहे उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव वीपी सिमल्टी ने प्रेमचंद के साहित्य को भारतीय समाज का यथार्थ बताया। कुमाऊंनी साहित्यकार मथुरादत्त मठपाल, एबी बिनवाल विशिष्ट अतिथि रहे। चित्र बनाओ प्रतियोगिता में प्रियंका, नम्रता साफी, अर्जुन कश्यप, अंजनी बिष्ट, गुरुलीन कौर, नीरज नेगी, माही, नैंसी, अंकिता बर्थवाल, सामान्य ज्ञान में नारायण बिष्ट, पंकज करगेती, सुनीता कन्याल, अभिषेक रावत, ईशा नेगी, सोनिया रावत, तनुजा मठपाल, कहानी सुनाने में प्रेरणा, कृतिका भंडारी, सत्यांशा सती, ध्वनि, हर्षिता मठपाल, उपन्यास पढ़ने में वैशाली भारती, दीपक सत्यवली, संजना सत्यपाल, एकांकी में शिवानी रावत, शुएब अली, अंजलि जोशी जीते।
सभी प्रतिभागियों को प्रेमचंद का साहित्य बांटा गया। हमारी विरासत पुस्तिका का विमोचन हुआ। नवेंदु मठपाल ने संचालन किया। वहां प्रधानाचार्य डॉ. दिग्विजय चौहान, नंदराम आर्य, सुभाष गोला, महेश जोशी, पुष्पा बुधानी, जीतपाल कठैत, गिरीश मेंदोला, संतोष तिवारी, एसपी मिश्रा, नलिनी श्रीवास्तव, नीना संधू आदि थे।