राहुल यादव के पिता राजेश यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार देर रात राहुल अपनी पत्नी, दोनों बेटियों, दो साले और साले के दोस्त के साथ नीब करौरी बाबा के दर्शन के लिए निकले थे। राजेश ने बताया कि उनकी पत्नी का लगभग सात-आठ साल पहले स्वर्गवास हो गया है। उनके तीन बेटे हैं। राहुल बड़ा बेटा था। राजेश के अनुसार जब राहुल की शादी की तब उन्होंने अपने ठाकुर जी से मन्नत मांगी थी कि मेरे घर में तीन बेटे हैं, अब बेटी देना। ठाकुर जी ने एक नहीं दो बेटियां दीं। सब खुश थे लेकिन क्या मालूम था जिन दो पोतियों को ठाकुर जी से मांगा, वह इतनी जल्दी छोड़कर उनसे इतनी दूर चली जाएंगी।
युवा बने मददगार
बाजपुर निवासी तेजप्रताप सिंह, काशीपुर निवासी अभिजीत सिंह व सिमरजीत सिंह हल्द्वानी के अस्पताल में भर्ती परिचित को देखकर कार से लौट रहे थे। सिमरजीत सिंह ने बताया जब वह दुर्घटनास्थल पर पहुंचे तो कार सवार सभी लोग इधर-उधर पड़े थे। चालक प्रदीप यादव कार के स्टेयरिंग व सीट के बीच फंसे थे। दर्द से कराह रही ज्योति ने उन्हें बताया कि उनकी दो बेटियां हैं।
तलाश करने पर दोनों बच्चियां घटनास्थल से लगभग आठ-दस फुट दूर जंगल में मिलीं। युवकों ने बमुश्किल राहुल को कार से बाहर निकाला। उस दौरान उसकी सांसें चल रही थीं, बाहर निकालने के कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। युवकों ने पांचों घायलों को अपने निजी वाहन से मुरादाबाद रोड स्थित निजी अस्पताल पहुंचाया जहां उपचार के दौरान दोनों बच्चियों ने दम तोड़ दिया। सूचना पर अस्पताल पहुंची कुंडा थाना पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है।