हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की स्पेशल अपील को खारिज करते हुए एकलपीठ के आदेश को बरकरार रखा है जिसमें एकलपीठ ने भूमि क्रय करने पर स्टांप ड्यूटी सर्किल रेट के आधार पर लेने का निर्णय दिया गया था।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। राज्य सरकार की ओर से खंडपीठ के समक्ष एकलपीठ के आदेश को चुनौती दी गई थी। मामले के अनुसार पूर्व में ग्राफिक एरा एजूकेशनल सोसाइटी देहरादून ने हाईकोर्ट की एकलपीठ के समक्ष याचिका दायर की थी। जिसमें कहा गया था कि याचिकाकर्ता की ओर से विकासनगर देहरादून में 700 बैड का अस्पताल बनाने के लिए भूमि क्रय की गई थी।
उस वक्त राज्य के अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा नेे 6 जून 2014 को जारी शासनादेश में कहा था कि कृषि योग्य भूमि को जिस प्रयोजन के लिए लिया गया है उसकी स्टांप ड्यूटी उसी आधार पर ली जाएगी। इस शासनादेश को ग्राफिक एरा ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस प्रकरण पर सुनवाई के बाद एकलपीठ ने 2015 में याचिका को स्वीकार कर शासनादेश को निरस्त करते हुए कहा था कि स्टांप ड्यूटी क्षेत्र के सर्किल रेट के मुताबिक ही ली जाएगी।
एकलपीठ के इस आदेश को सरकार ने हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष स्पेशल अपील के माध्यम से चुनौती देते हुए कहा था कि कृषि योग्य भूमि को क्रय करने के बाद उसका व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है इसलिए स्टांप ड्यूटी जिस प्रयोजन के लिए ली गई है उसे उसी आधार पर लिया जाना आवश्यक है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश को सही ठहराते हुए सरकार की स्पेशल अपील को खारिज कर दिया।