हाईकोर्ट ने किच्छा, ऊधमसिंह नगर में पुलिस कस्टडी में हुई मौत के चर्चित मामले में जांच सीबीआई से कराए जाने के प्रार्थना पत्र को खारिज करते हुए निचली अदालत में केस चलने तक याचिकाकर्ता और उसके परिवार को पुलिस सुरक्षा दिए जाने के आदेश पारित किए हैं।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। किच्छा ऊधमसिंह नगर निवासी इकबाल सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि याचिकाकर्ता के पुत्र जसविंदर सिंह उर्फ जस्सा को पुलिस ने 20 अप्रैल 2015 को गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस ने कहा था कि उसके पुत्र को केवल पूछताछ के लिए ले जाया गया है।
जब याचिकाकर्ता पुलिस स्टेशन गए तो उसका पुत्र जमीन में गिरा हुआ था, जिसे बाद में हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता और उसके परिजनों को मिलने नहीं दिया गया। दूसरे दिन पता चला कि उसके पुत्र की मृत्यु हो गई। इसके बाद याचिकाकर्ता ने 21 अप्रैल 2015 को सीओ, चौकी इंचार्ज, एसएसआई और अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। याचिकाकर्ता का कहना था कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच होनी चाहिए तथा उसे व उसके परिजनों को सुरक्षा प्रदान की जाए।
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि मामले में सीबीसीआईडी ने जांच की है तथा चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इस मामले में कानून की ओर से स्थापित नियमों के अनुरूप ही प्राथमिकी व जांच की कार्यवाही हुई है। इसमें कोई अनियमितता नहीं है। साथ ही मृतक की आरोपियों से किसी रंजिश का भी प्रमाण नहीं है। इसलिये की गई जांच नियमानुसार और मान्य है। इस हिसाब से सीबीआई जांच की आवश्यकता नहीं है।