परिवहन निगम के परिचालक को इंटर की परीक्षा फर्जी संस्था से पास कर उसकी मार्कशीट लगाने के मामले में बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद परिवहन निगम एक वर्ष के भीतर भर्ती किए गए 40 चालकों-परिचालकों के प्रमाण पत्र निकालने में जुट गया है। एक वर्ष के भीतर संविदा और मृतक आश्रितों को नियमित किया गया है।
परिवहन निगम में 1989 से किशोरी राम संविदा पद पर रोडवेज में काम कर रहा है। वह काठगोदाम डिपो में तैनात था और 2013 में नियमित किया गया था। निगम प्रबंधन ने इंटर की मार्कशीट फर्जी होने की जानकारी मिलने पर जांच शुरू की और किशोरी राम को निलंबित कर दिया। काठगोदाम डिपो के एआरएम पवन मेहरा ने बताया कि एक वर्ष के भीतर 40 चालकों-परिचालकों की भर्ती हुई है।
उन्होंने बताया कि अब भी भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इस अवधि में संविदा और मृतक आश्रितों को नियमित किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी के प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है, जांच में अगर कोई भी प्रमाण पत्र फर्जी मिलता है तो बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में एक कर्मचारी पर अभी निलंबन की तलवार लटक रही है।