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ऐसी रामलीला जहां मुस्लिमों ज्यादा उमड़ती है भीड़

Sun, 02 Oct 2016 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
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रामलीला मंचन - फोटो : अमर उजाला
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काठगोदाम रामलीला कमेटी 68 साल पुरानी है। क्षेत्रवासियों के मुताबिक यह शहर की दूसरी बड़ी रामलीला है। यहां हिंदू से अधिक मुस्लिम बड़े चाव से रामलीला देखते हैं। इस रामलीला में हिंदू-मुस्लिम का भेदभाव नहीं है।
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काठगोदाम की रामलीला सांप्रदायिक सौहार्द की मिशाल मानी जाती है। दो अक्तूबर से यहां रामलीला का मंचन होगा।

काठगोदाम रामलीला कमेटी के डायरेक्टर मोहन सिंह बिष्ट पार्षद भी है। मोहन सिंह 15 साल तक रामलीला कमेटी के निर्विरोध अध्यक्ष रहे हैं। पार्षद सीता से लेकर दशरथ, मेघनाथ रावण तक तक के पात्रों का अभिनय कर चुके हैं।

वर्तमान में रामलीला कमेटी के निर्विरोध अध्यक्ष मनोज सिंह सांगुड़ी हैं। रामलीला कमेटी में इस साल 32 लोग विभिन्न पात्रों का अभिनय करेंगे।

कतिल अख्तर 16 साल से कर रहे हैं अभिनय

रामलीला कमेटी के डायरेक्टर मोहन सिंह ने बताया कि रोडवेज के परिचालक कतिल अख्तर 16 साल से बाणासुर, शबरी और मंथरा के पात्रों का अभिनय कर रहे हैं। लंका को सजाने की जिम्मेदारी भी कतिल पर होती है।
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पिछले साल शहनवाज ने भी रामलीला में भाग लिया था। रामलीला की खासियत यह है कि यहां हिंदू से अधिक मुस्लिम दर्शक मौजूद रहते हैं। मंचन में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आती है ।

15 साल से हैप्पी सरदार निभा रहे भरत का किरदार

प्राचीन रामलीला में गौला बैराज निवासी छात्र हैप्पी सरदार 15 साल से भरत का किरदार निभा रहे हैं।  रामलीला के दौरान काठगोदाम के नौकरी पेशा लोग छुट्टी लेकर आते हैं। इसी कारण पात्रों और कमेटी के लोगों को रामलीला मंचन कराने के लिए उत्साह रहता है।

एक ही परिवार के तीन सदस्य बनते हैं कलाकार

काठगोदाम चुंगी निवासी महेश राणा के परिवार के तीन सदस्य रामलीला में अलग-अलग पात्रों की भूमिका निभाते हैं। फौज से रिटायर्ड महेश राणा काफी समय से रावण का अभिनय कर रहे हैं। महेश के पिता रूप सिंह राणा भी रावण का अभिनय करते थे।

महेश के भाई संतोष राणा भी फौज से रिटायर्ड हैं। संतोष कुंभकर्ण और उनका भतीजा संदीप राणा मेघनाथ और परशुराम का किरदार अभिनय करते हैं। रामलीला कमेटी के संयोजक कमल पपनै बताते हैं कि नौकरी के दौरान भी दोनों भाई रामलीला के लिए छुट्टी लेकर आते थे।
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