श्री रामलीला मैदान में सीता स्वयंवर के बाद राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न की एक साथ अत्याधुनिक स्टेज पर वरमाला डालकर शादी हुई। एक दूसरे को वरमाला पहनाते ही पूरा मैदान तालियों से गड़गड़ाहट से गूंज उठा और आतिश बाजी होने लगी। लोगों का कहना था कि पूर्व में सिर्फ सीता राम एक दूसरे को वरमाला डालते थे। रामलीला के 130 साल के इतिहास में पहली बार चारों भाइयों की शादी हुई।
बरेली रोड पर बैंड बाजे के साथ रविवार दोपहर दो बजे भव्य राम बारात निकाली गई। बारात में तलवार, घोड़ा, बग्घी पर सवार लोग चल रहे थे। बरेली रोड पर विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोग जगह-जगह बारात को रोककर फूलों की बरसा कर रहे थे। मेरे राम सबके राम के गगनभेदी नारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। बारात की भीड़ की वजह से बरेली रोड के साथ ही नैनीताल रोड पर भी जाम लग गया।
करीब पांच बजे बारात श्री रामलीला मैदान पहुंची तो रामलीला के संयोजक और हरिशरणम जन प्रमुख स्वामी रामगोविंद दास भाई जी ने बारातियों का स्वागत किया। शिवसेना के सदस्य तलवार लेकर श्री राम का उद्घोष कर रहे थे। रामलीला में सीता स्वयंवर के दौरान धनुष टूटने पर लक्ष्मण-परशुराम संवाद हुआ।
इसके बाद राम को सीता, लक्ष्मण को उर्मिला, भरत को मांडवी और शत्रुघ्न के गले में श्रुतकीर्ति ने वरमाला डाली तो तालियों की गड़गड़ाहट से मैदान गूंज उठा। वरमाला कार्यक्रम के लिए अत्याधुनिक रिवाल्विंग स्टेज तैयार किया गया था। मैदान में गौरी का मंदिर अलग बना था। रामलीला के कलाकार मदन मोहन जोशी ने बताया कि यहां रामलीला के इतिहास में पहली बार चारों भाइयों की एक साथ भव्य ढंग से शादी हुई है। इससे पहले सीता राम की ही शादी होती थी। भीड़ में काफी संख्या में महिलाएं मौजूद थी।