प्रदेश सरकार द्वारा नैनीताल के शिक्षक हेमंत बिष्ट की रचना को राज्यगीत घोषित किए कुछ ही दिन बीते है। अब एडवोकेट ललित मोहन सिंह जीना ने राज्यगीत की चुनाव समिति पर पक्षपात का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चयनित राज्य गीत जारी की गई सरकारी विज्ञप्ति के एकदम विपरीत है।
राज्य रचना गीत प्रतिभागी ललित ने राज्यगीत चयन समिति संस्कृति निदेशालय को लिखे पत्र में कहा है कि समिति के दो-दो अध्यक्ष होने के बावजूद गीत के गायन और धुन में हो रही देरी समझ से परे है। उन्होंने कहा कि चयनित गीत गाने में सरल हो इसका ध्यान नहीं रखा गया है।
ललित ने कहा है कि विज्ञप्ति के अनुसार राज्यगीत को क्षेत्रीय भाषाओं में होना चाहिए था, जिसकी शुरुआती पंक्तियों में हिंदी का प्रयोग किया जा सकता था। इसके बावजूद राज्यगीत में क्षेत्रीय भाषाओं को दरकिनार किया गया है। उन्होंने समिति पर चयन की औपचारिकता निभाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने समिति से राज्यगीत की मूल रचना में हुए संशोधन, बदलाव, अनुवाद और संपादन को स्पष्ट करने की मांग की है। ललित ने कहा प्रतिभावान कलाकारों की एक खुली प्रतियोगिता करवाई जा सकती थी।
उन्होंने समिति पर पक्षपात करने का आरोप लगाते हुए सभी 203 प्रतिभागी कवियों की मूल प्रविष्टियों को एक पत्रिका के रूप में प्रकाशित करने की मांग की है। बता दें कि इससे पहले भी राज्य गीत के चयन पर अन्य प्रतिभागी सवाल उठा चुके हैं।