हल्द्वानी। शहर से लेकर गांवों तक शुक्रवार को बिजली ने करीब दो लाख लोगों को झटका दिया। बारिश के बीच फॉल्ट होने से गौलापार, रानीबाग, जीआईएस काठगोदाम, टीपीनगर, कमलुवागांजा, फूलचौड़, 13 बीघा इंदिरानगर बिजलीघर से तीन से चार घंटे तक बिजली सप्लाई ठप रही।
गौलापार बिजलीघर से जुड़े गांवों की आपूर्ति शुक्रवार अपराह्न चार बजे बारिश के बीच ठप हो गई। किसी तरह शाम सात बजे बिजली बहाल हुई। यहां 33 केवी की लाइन टूट गई थी। वहीं कमलुवागांजा से आ रही बिजली लाइन पर जंगल क्षेत्र में पेड़ गिर गया। इससे ट्रांसपोर्टनगर बिजलीघर की बिजली दो घंटे से अधिक बाधित रही। फूलचौड़ बिजलीघर का इलाका भी प्रभावित हो गया। रानीबाग व जीआईएस काठगोदाम बिजलीघर से भी दो घंटे से अधिक आपूर्ति बाधित रही।
इन इलाकों में देरी से बहाल हुई बिजली
लामाचौड़, कमलुवागांजा, कठघरिया, कालीचौड़ में बिजली बहाल करने में समय लगा। यूपीसीएल की टीम ने बिजली ठप होने पर पेट्रोलिंग की तो फॉल्ट आसानी से पकड़ में नहीं आया। कई जगह पर पिन इंसुलेटर खराब हुए और बिजली लाइनों में स्पार्किंग के साथ फॉल्ट हुए। यूपीसीएल की टीम देर शाम तक लाइनें दुरुस्त करने में जुटी रही।
ये इलाके रहे प्रभावित
तल्ली हल्द्वानी, जज फार्म, डहरिया, रामपुर रोड, देवलचौड़, बेलबाबा, मुखानी, ऊंचापुल, ब्लॉक, हिम्मतपुर, लोहरियासाल, कुसुमखेड़ा, पीलीकोठी, कमलुवागांजा, नवाबी रोड, कलावती कालोनी, काठगोदाम, शीशमहल, दानीबंगर, खेड़ा, कुंवरपुर, इंदिरानगर।
इन्वर्टर जवाब दे गए तो परेशान हुए लोग
सुभाषनगर बिजलीघर से जुड़े नवाबी रोड फीडर के कलावती कालोनी चौराहा के आसपास के इलाके में सुबह से शाम तक बिजली बाधित रही। स्थानीय लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति यह हो गई कि इन्वर्टर जवाब दे गए। यहां विद्युतीकरण कार्य के चलते शटडाउन शेड्यूल भी लिया गया था। शाम को डीसी के पास तेज धमाके के साथ ट्रांसफार्मर फुुंक गया। इससे आपूर्ति बहाल करने में और समय लगा।
हाइड्रा की मदद से दुरुस्त की हाईटेंशन लाइन
बिजली लाइन पर पेड़ गिरने के कारण यूपीसीएल ग्रामीण डिविजन की टीम को लाइन दुरुस्त करने के लिए हाइड्रा की मदद लेनी पड़ी। अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता ने बताया कि रात तक टीमें लाइनें दुरुस्त करने में लगी रहीं। जंगल क्षेत्र में फॉल्ट होने के कारण इसे तलाशने में समय लगा। शहर डिविजन के ईई प्रदीप कुमार ने बताया कि बारिश की वजह से लाइनों पर फॉल्ट हुए थे। जिन्हें तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
बिजली की लाइन ठीक करने में जुटे बिजली कर्मचारी। स्रोत विभाग