नैनीताल। शहर और समीपवर्ती क्षेत्रों में शनिवार को बारिश व ओलावृष्टि हुई जिससे जनजीवन भी प्रभावित हुआ। वहीं विभिन्न शहरों से पहुंचे सैलानियों की फजीहत हुई। बारिश की वजह से नाले उफान पर रहे और एकाएक ठंड भी बढ़ गई। समीपवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में ओलावृष्टि से सब्जी और फल आदि को नुकसान हुआ है। वन विभाग ने बारिश होने पर राहत की सांस ली है। कई वैवाहिक समारोह में भी बारिश ने खलल डाला, जिससे व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गईं।
सुबह नैनीताल का मौसम साफ था और धूप खिली थी। दोपहर 12 बजे से मौसम का मिजाज बिगड़ने लगा। करीब 1:15 बजे से बारिश शुरू हुई जो करीब 1:45 बजे तक होती रही। करीब तीन बजे से तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई। इसके चलते स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटक परेशान रहे। कई सड़कों पर जलभराव हो गया। झील के किनारे नालों से आने वाला कूड़ा कचरा जमा हो गया।
वन विभाग के लिए बारिश जहां वरदान साबित हुई वहीं नैनीझील की सेहत के लिए भी अच्छी रही। झील का जलस्तर दो फीट से ऊपर पहुंच गया है।
समीपवर्ती खुर्पाताल, मंगोली, बजून, थापला, अधौड़ा, पटवाडांगर, देवीधुरा में बीन, आलू, धनिया, गाजर, मूली समेत आढ़ू, खुमानी, पूलम सरीखे पहाड़ी फलों को नुकसान पहुंचा। तापमान गिरने से ठंड भी बढ़ गई और लोगों ने स्वेटर-जैकेट का सहारा लिया।
जीआईसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अधिकतम तापमान 26, न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस रहा। शहर में 25 मिमी बारिश हुई है।