हल्द्वानी। भारतीय रेलवे का वाटर ब्रांड रेल नीर यात्रियों की प्यास नहीं बुझा पा रहा है। खपत के सापेक्ष सिर्फ 25 प्रतिशत ही रेल नीर यात्रियों को मिल पा रहा है। गरमी बढ़ते ही काठगोदाम, हल्द्वानी, लालकुआं और रुद्रपुर रेलवे स्टेशनों पर रेल नीर से अधिक अनुबंधित पानी के ब्रांड की बोतलें नजर आ रही हैं।
रेल यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे के महाराष्ट्र और दक्षिण भारत स्थित वाटर प्लांटों में तैयार किया गया वाटर ब्रांड रेल नीर अब अन्य कंपनियों से मात खाने लगा है। कुप्रबंधन के चलते डिमांड की सिर्फ 25 प्रतिशत आपूर्ति ही दे पाने वाले रेल नीर ने अन्य कंपनियों को रेलवे स्टेशनों में घुसपैठ का मौका दे दिया है।
गरमी बढ़ने के साथ ही रेलवे स्टेशनों पर रेल नीर की जगह अन्य कंपनियों के ब्रांड नजर आ रहे हैं। रेल नीर की आपूर्ति कम होने से रेलवे प्रबंधन ने वाटर ब्रांड किनले और एक्वाफिना से अनुबंध कर लिया है। रेलवे स्टेशन के कुछ दुकानदार भी रेल नीर की अपेक्षा अन्य कंपनियों के ब्रांड की डिमांड यादा बता रहे हैं।
इस संबंध में डिवीजल कॉमर्शियल इंस्पेक्टर आरपी टम्टा कहते हैं कि यदि रेलवे स्टेशनों पर रेल नीर और अनुबंधित दो कंपनियों के वाटर ब्रांडों के अलावा पानी का अन्य ब्रांड बेचने की शिकायत मिली तो दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्टेशन पर कोई भी दुकानदार पानी की बोतल को 15 रुपये से अधिक दाम पर नहीं बेच सकता है।
रेल नीर के लिए लगाए गए प्लांट
-अहमदाबाद
-नासिक
-नागपुर
-फरक्का
-तिरुवंतपुरम
-विजयवाड़ा