हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया है। इंटर्नशिप कर रहे छात्र और एक बांडधारी डॉक्टर ने एमबीबीएस तृतीय वर्ष के चार छात्रों के साथ रैगिंग की। पीड़ित छात्रों में से तीन ने रैगिंग की शिकायत यूजीसी से की। प्राचार्य ने एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुला दोनों पक्षों को सुनने के बाद इंटर्न पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। बांडधारी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक और सीएमओ अल्मोड़ा को पत्र भेजा गया है।
घटना 11 सितंबर की देर रात की बताई जा रही है। इंटर्नशिप कर रहा एक छात्र और द्वाराहाट (अल्मोड़ा) में तैनात बांडधारी डॉक्टर साथ में थे। दोनों ने एमबीबीएस तृतीय वर्ष के चार छात्रों को बुलाया। चार में तीन ने आरोप लगाया कि बांडधारी डॉक्टर और उसके साथी इंटर्न ने उनके साथ मारपीट की और कपड़े फाड़ दिए। अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए नाजुक अंगों में चोट पहुंचाई। पीड़ितों ने इसकी शिकायत यूजीसी में की। यूजीसी से सोमवार सुबह प्राचार्य के पास शिकायती पत्र आया। इसके बाद प्राचार्य ने एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक बुला ली।
एसडीएम विवेक राय, एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव, डॉ. एके सिंह, डॉ.जीएस तितियाल, डॉ. गीता जैन, डॉ. वीके द्विवेद्वी, डॉ. शहजाद, डॉ. श्रीरंजन काला, कुसुम डिगारी आदि की कमेटी के समक्ष दोनों पक्षों को बुलाया गया। पीड़ित पक्ष के बयान लेने के बाद आरोपियों का पक्ष भी सुना गया। कमेटी ने इंटर्न कर रहे छात्र पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। द्वाराहाट के बांडधारी डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक और सीएमओ अल्मोड़ा को पत्र लिखा है।
यूजीसी की ओर से मेल मिलने पर रैगिंग की घटना प्रकाश में आई थी। कमेटी ने दोनों पक्षों के बयान लेकर कार्रवाई की है। आरोपी इंटर्न ने किसी और कॉलेज से इंटर्नशिप करने के लिए एनओसी मांगी है, उसको एनओसी दे दी जाएगी। -डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कालेज
हॉस्टल से निकाले जा चुके इंटर्न के पहुंचने पर सवाल
हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज से इंटर्नशिप कर रहे छात्र को पहले ही हॉस्टल से निकाला जा चुका था। सवाल यह उठता है निकाला जा चुका छात्र आखिर 11 सितंबर की रात वहां कैसे पहुंच गया। द्वाराहाट के बांडधारी डॉक्टर के भी हॉस्टल पहुंचने पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व में एक रैगिंग की घटना में संलिप्तता होने के बाद इंटर्न के छात्र को हॉस्टल से निकाल दिया गया था। छात्र बाहर कमरा लेकर रह रहा था और इंटर्नशिप कर रहा था। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कर्मी भी तैनात रहते हैं जबकि दूसरे गेट पर पुलिस चौकी भी है। सवाल यह है कि आखिर हॉस्टल से निकाला जा चुका इंटर्न कैसे मेडिकल कॉलेज में दाखिल हो गया। गेट पर मौजूद सुरक्षा कर्मी क्या आने-जाने वालों की जांच पड़ताल नहीं करते हैं। कहने को गेट पर बाहर से आने वालों का पंजीकरण करने के लिए एक रजिस्टर भी रखा हुआ है।
2016 में भी हुई थी रैगिंग की शिकायत
हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2016 में एमएस प्रथम वर्ष के एक छात्र ने यूूजीसी की वेबसाइट पर शिकायत की थी। इस छात्र ने भी सीनियर पर रैगिंग का आरोप लगाया था। कॉलेज प्रशासन ने जांच के बाद मामला निस्तारित कर दिया था।
रैगिंग हो तो यहां करें शिकायत
= यूजीसी हेल्पलाइन 18001805522
ई मेल आईडी helpline@antiragging.in
वेबसाइट 222.antiragging.in
वर्ष 2018 में रैगिंग की शिकायतें यूजीसी में
- 11 सितंबर : मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी
-08 सितंबर : जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज पौड़ी गढ़वाल
- 03 सितंबर : आईआईटी रुड़की
- 26 अगस्त : दून बिजनेस स्कूल, देहरादून
- 20 अगस्त : क्वांटम यूनिवर्सिटी रुड़की
- 04 अगस्त : डिपाटमेंट ऑफ फार्मास्युटिकल्स साइंस, कुमाऊं विवि
-28 मई : ग्राफिक एरा भीमताल
- 26 मई : रुड़की इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी
- 19 अप्रैल : देहरादून इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी
-07 अप्रैल: दून यूनिवर्सिटी देहरादून
- 01 अप्रैल : श्री गुरुराम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज देहरादून
-30 मार्च : यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज देहरादून
-20 फरवरी : लॉ कालेज देहरादून