कोटाबाग के खिमुवांपीपल, सौनजाला, दोहनियां गांव में गाय के दूध में रैबीज का वायरस होने की सूचना से गांव में हड़कंप मच गया। जिन ग्रामीणों ने यह दूध पिया उनमें रैबीज फैलने की अफवाह से लोग दहशत में आ गए। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में पंचायत कर लोगों से अफवाह से बचने की अपील की।
बीते 2 मार्च को गांव में ग्रामीणों की दो दुधारू गायों को आवारा कुत्ते ने काट लिया था। दोनों गायों का दूध लगातार गांव की डेयरी में जाता रहा। लेकिन 12 मार्च को एक गाय मर गई, जबकि दूसरी गाय की भी अगले दिन मौत हो गई। दोनों गायों के मरने की सूचना के बाद गांव में ये अफवाह फैल गई कि जिन लोगों ने यह दूध पिया है उन्हें भी रैबीज हो जाएगा।
इससे घबराए ग्रामीण रैबीज का इंजेक्शन लगाने सीएचसी कोटाबाग पहुंचने लगे। चार ग्रामीणों को रैबीज के इंजेक्शन भी लगाए गए। ग्रामीणों के भारी संख्या में इंजेक्शन लगाने के लिए अस्पताल में आते देख डॉक्टरों ने मामले की पड़ताल की। बुधवार को सीएचसी प्रभारी डा. मनोज कांडपाल के नेतृत्व में टीम ने गांव पहुंचकर लोगों से अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की।
सीएमओ डा. एलएम उप्रेती ने कहा कि 60 डिग्री तापमान में रैबीज का वायरस नष्ट हो जाता है। ग्रामीणों ने दूध उबालकर पिया है। इस स्थिति में वायरस के जिंदा रहने की कोई संभावना नहीं रहती। यदि किसी ग्रामीण ने दूध को बगैर उबाले भी पिया होगा तो भी मनुष्य के पेट में मौजूद गर्मी व अम्ल के प्रभाव से रैबीज नष्ट हो जाएगा। ऐहतियात के तौर पर जो लोग सीधे गाय के संपर्क में आए हैं, उन्हें रैबीज का इंजेक्शन लगाया जा रहा है।