बेतालघाट ब्लाक में लहड़ा गांव में रेस्क्यू कर बंगाल टाइगर को नैनीताल जू लाया गया है। या यूं कहें जू में पहले से मौजूद मादा बंगाल टाइगर ‘रानी’ को ‘राजा’ मिल गया है। जू में लाए गए बंगाल टाइगर की हालत में सुधार है।
अलबत्ता उसे लोगों से दूर क्वैलनटाइन वार्ड में रखा गया है। जू के निदेशक धर्म सिंह मीणा ने कहा कि ग्रामीणों समेत सभी लोगों के सहयोग से बंगाल टाइगर को रेस्क्यू करने में कामयाबी मिली है।
मीणा ने बुधवार को जू परिसर में पत्रकार वार्ता कर रेस्क्यू अभियान के बारे में जानकारी दी। मीणा के मुताबिक 31 जनवरी को दोपहर करीब 12 बजे उन्हें नैनीताल वन प्रभाग के तहत कोसी रेंज की आरओ तनुजा परिहार से जानकारी मिली कि क्षेत्र में कोई लैपर्ड फंसा है।
सूचना मिलने के बाद उनके नेतृत्व में जू की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची तो पाया कि यह तेंदुआ नहीं बल्कि बंगाल टाइगर था। जेसीबी के चालक सोनू की मदद से टीम द्वारा बंगाल टाइगर को रेस्क्यू करने के लिए अभियान चला।
उन्होंने बताया कि मंगलवार रात 8 बजे डबल वैरल गन से ट्रेंकुलाइज उसे किया गया और रात में ही 1 बजे जू पहुंचाया गया। उन्होंने बताया पकड़ा गया बंगाल टाइगर नर तथा 6 साल का है।
मीणा के मुताबिक उनके अलावा अन्य वन कर्मी भी बंगाल टाइगर को पकड़ने में घायल हो गए। टीम में एसडीओ दिनकर तिवारी, आरओ प्रकाश जोशी व तनुजा परिहार, वरिष्ठ वन्य जीव चिकित्सक डा.योगेश भारद्वाज, डिप्टी रेंजर दीपक तिवारी, राजेंद्र जोशी, अजयश्री व प्रकाश शामिल थे।
डॉ.योगेश भारद्वाज ने दावा किया है कि बंगाल टाइगर के हालत में सुधार है। उसे दर्द निवारक दवाएं दी जा रही हैं। दिन में उसे 4 किलो भैसे का मीट दिया था जिसमें से एक किलो वह खा गया। उसके गर्दन में चोट है। इस बीच मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक उत्तराखंड डीएस खाती ने नैनीताल जू प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की है।
लहेड़ा गांव के जंगल में वन विभाग ने कांबिंग की
बेतालघाट ब्लॉक के तल्ला सेठी ग्राम सभा के तोक लेहड़ा गांव में बीते दिवस दो जीपों पर हमला कर दहशत मचाने वाला तेंदुआ न होकर रॉयल बंगाल टाइगर था। लोगों की दहशत कम करने के उद्देश्य से वन विभाग की टीम ने दूसरे दिन भी लेहड़ा गांव और आसपास के जंगलों में सघन कांबिंग की।
बता दें कि बीते दिवस लेहड़ा गांव के पास दो जीपों पर हमला करने के बाद रॉयल बंगाल टाइगर पास में स्थित जीर्णशीर्ण धर्मशाला में घुस गया था। लोगों के शोर मचाने पर वह पास की झाड़ियों में छुप गया था।
देर शाम जेसीबी की मदद से किसी तरह टाइगर को ट्रैंकुलाइज कर नैनीताल स्थित चिड़ियाघर पहुंचाया गया। टाइगर के पकड़े जाने के बाद से लोगों ने राहत महसूस की है।