नैनीताल। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने राज्य सरकार के सचिवों/निदेशकों से कहा है कि वह कोविड-19 के कारण किसी परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर दूरस्थ स्थानों पर निवास करने वाले अन्य जीवित अशिक्षित सदस्यों को आजीविका के पर्याप्त साधन उपलब्ध कराएं।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य-सचिव/जिला जज आरके खुल्बे ने बताया कि न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की अध्यक्षता में राज्य सरकार के समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, विद्यालयी शिक्षा एवं चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिवों/निदेशकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बैठक में उन्होंने यह निर्देश दिए। बैठक में कोविड-19 महामारी के कारण किसी परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मृत्यु होने पर परिवार में अन्य सदस्यों के सामने उत्पन्न हुई आजीविका की समस्या तथा अन्य सामाजिक एवं आर्थिक परेशानियों के निवारण के संबंध में विचार-विमर्श किया गया।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार ने बैठक कहा कि ऐसे परिवार के बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य का लाभ उपलब्ध कराने तथा परिवार के पुनर्वास, जन कल्याणकारी योजनाओं से उन्हें लाभान्वित करने के साथ ही उनसे संबंधित अन्य सामाजिक एवं आर्थिक परेशानियों के निवारण के संबंध में जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण कराकर डाटा तैयार करना सुनिश्चित करें।
उन्होंने निर्देशित किया कि डाटा उपलब्ध होने के बाद गंभीरतापूर्वक और तत्परता के आधार पर वास्तविक रूप से प्रभावित बच्चों व उनके परिवार के पक्ष में निर्णय लेते हुए अग्रेत्तर कार्यवाही करना सुनिश्चित करें और प्रगति रिपोर्ट उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराएं। आरके खुल्बे ने बताया कि बैठक में उपस्थित राज्य सरकार के सचिवों/निदेशकों ने उपरोक्त विषय के संबंध में राज्य सरकार के माध्यम से किए जा रहे क्रियाकलापों की न्यायमूर्ति मनोज कुमार को विस्तार से जानकारी दी।